नगर निकाय कर्मियों की हड़ताल का शुक्रवार काे 10वां दिन था। शहर में सड़कों पर सफाई नहीं होने के कारण लगभग 1200 टन कचरा जमा है। इस कचरे से हर शहरवासी परेशान है। उनका बस एक ही सवाल है कि कहां हैं वे नेता व संगठन जो 2 अक्टूबर को और पीएम के स्वच्छता अभियान में झाड़ू लेकर फोटो खिंचवाने उनके मोहल्लों में आते थे। इस समय शहर में सफाई की सख्त जरूरत है, लेकिन खुद को सफाई का ब्रांड एंबेसेडर बताने वाले तमाम नेता व सामाजिक संगठन चुप बैठे हैं। हड़ताल के बाद से सफाई के लिए एक बार भी आगे नहीं आए हैं। कुछ नेताओं ने तो सफाई कर्मचारियों के पास उनकी हड़ताल को तो समर्थन दिया, लेकिन दूसरी ओर शहर की समस्या की तरफ मुंह करके भी नहीं देखा। जब दैनिक भास्कर के चीफ रिपोर्टर र| पंवार ने एेसे सफाई दूतों से बात की तो सभी ने सामने न आने पर तत्काल सफाई दी। कुछ ने तो शहर से बाहर होने की बात कही तो कुछ ने सरकार से उचित कदम उठाने की बात कही।
सबके एक जैसे बहाने
_रेणु डाबला, मेयर, नगर निगम
सवाल : शहर में सफाई की स्थिति बेहद खराब है। इसे सुधारने के लिए आप क्या कर रही हैं?
जवाब : सरकार को अपना हठ छोड़कर कर्मचारियों से काम करवाना चाहिए, ये काम किसी ओर से नहीं होगा। हम तो इसलिए रुके हुए थे कि अब तक हमें सीएम पर विश्वास था कि वे समस्या का समाधान करेंगे। जनता इतनी दुखी हो रही है। हमारा कर्मचारियों को समर्थन तो है, लेकिन हम कर्मचारियों काे उकसा नहीं रहे।
भास्कर ने सवाल पूछा तो कांग्रेस और भाजपा ने एक-दूसरे को ठहराया जिम्मेदार, खुद सफाई के नाम पर केवल आश्वासन
_भारत भूषण बतरा, पूर्व विधायक
सवाल : शहर से कूड़ा हटवाने के लिए आप क्या प्रयास कर रहे हैं?
जवाब : कांग्रेस के स्तर पर तो हम विरोध कर सकते हैं, शहर की सफाई न होने और बढ़ती बीमारी की समस्या की बात के लिए। जहां तक सफाई करने का मामला है तो ये एक इंफ्रास्ट्रक्चर की बात है। वैसे पहले उन झाडू के साथ फोटो खिंचवाने वाले नेताओं को सामने आना चाहिए। ये राहगिरी के लिए तो सफाई करवा देते हैं, लेकिन शहर के लिए नहीं। यदि कर्मचारियों की बात ठीक नहीं तो एस्मा लगा अंदर क्यों नहीं करते।
भाजपा नेता लवलीन टुटेजा ने चलाया था बड़े स्तर पर सफाई अभियान, अब ज्यादा जरूरत।
_लवलीन टूटेजा, भाजपा नेता
सवाल : आपकी ओर से शहर की सफाई के लिए क्या कदम उठाए गए?
जवाब : हमारी ओर से लोकहित स्वयंसेवी संगठन के बैनर तले स्वच्छता अभियान गुरुवार रात को गांधी कैंप में चलाया था। पूरा प्रयास किया जा रहा है कि इस समस्या का निदान हो। वैसे लोगों को खुद भी आगे आना होगा। ये हमारे घर का ही कचरा है। दुकानदारों को जोड़कर रेहड़ी में कूड़ा उठाया गया था। हमारे पास इतनी बड़ी कोई मशीनरी व सिस्टम तो है नहीं, जिससे पूरे शहर से कूड़ा उठ सके।
फोटो खिंचाने के लिए झाड़ू थामने वाले नेता आजकल दिख नहीं रहे
17 सितम्बर 2017 मंत्री मनीष ग्रोवर ने स्वच्छता अभियान में उठाई थी झाड़ू।
मनीष ग्रोवर, शहरी स्थानीय निकाय राज्य मंत्री, हरियाणा
सवाल : सफाई के लिए आपकी ओर से क्या प्रयास किए गए हैं?
जवाब : सफाई कर्मचारियों की जो मांग थी वो मान ली, ये अब जबरदस्ती कर रहे हैं। चीफ सेक्रेटरी से बात की थी, उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे सफाई करवाएंगे। अब कल से सख्ती होगी। हमारे स्तर पर सफाई का विषय तो बाद में आएगा अभी तो अधिकारियों से बात हो गई है। मेयर और पूर्व विधायक बीबी बतरा तो कर्मचारियों को उकसाने में लगे हैं कि शहर को गंदा करो। कल 100 फीसदी कूड़ा उठेगा।
सतीश नांदल, जिलाध्यक्ष, इनेलो
सवाल : सफाई पर क्या कर रहे हैं?
जवाब : कर्मियों की मांगें पूरी तरह से जायज हैं। सफाई की समस्या हल करना सरकार की जिम्मेदारी है। यदि सरकार नहीं कर सकती तो अपने हाथ उठा लें, हम जनता की सेवा के लिए आगे आएंगे और फिर बताते हैं सफाई कैसे होती है। कर्मियों की मांगें भी पूरी कर देंगे।
समाजसेवियों को रेलवे रोड से कचरा उठाने से हड़ताली कर्मचारियों ने रोका, मंत्री जैन का पुतला फूंका पढ़ें पेज -5 पर
_गजेंद्र फौगाट, ब्रांड एंबेसेडर, स्वच्छता अभियान
सवाल : आप क्या प्रयास किए जा रहे हैं?
जवाब : हड़ताली कर्मचारियों का तरीका गलत है, उन्हें लोकतांत्रिक तरीका अपनाना चाहिए। दुकानदारों को चाहिए कि वे रोड पर कूड़ा न डालें। यदि हड़ताल लंबी चलती है तो शहर के लोगों से आह्वान है कि वे सफाई की कमान संभालें।