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ट्रेन चलने के बाद आगमन की सूचना से भ्रमित रहे यात्री, चेन पुलिंग करने का किया प्रयास

3 वर्ष पहले
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जींद से दिल्ली की अोर जाने वाली 54031 पैसेंजर ट्रेन शुक्रवार शाम 5.34 बजे रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो से रवाना हुई। ट्रेन चलते पर सूचना प्रसारित हुई कि दिल्ली की ओर जाने वाली ट्रेन प्लेटफार्म पर आ रही है। यह सूचना सुनते ही प्लेटफार्म नंबर एक पर पहुंचे यात्री भ्रमित हो गए। उन्होंने ट्रेन पकड़ने के लिए कोच में बैठे यात्रियों से चेनपुलिंग कर ट्रेन रोकने को कहा, लेकिन यात्रियों ने ट्रेन नहीं रोकी। कुछ यात्रियों ने दौड़कर ट्रेन पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन तब तक ट्रेन जा चुकी थी। दैनिक यात्रियों में रेलवे कर्मचारियों की इस लापरवाही के प्रति रोष है।

पौने चार घंटे देरी से पहुंची जनता एक्सप्रेस

ट्रेनों का संचालन शुक्रवार को प्रभावित रहा। दिल्ली की ओर जाने वाली 19024 जनता एक्सप्रेस सुबह 10.50 बजे से 3 घंटा 40 मिनट, 64914 दिल्ली ईएमयू ट्रेन अाधे घंटे, जींद जाने वाली 12481 श्रीगंगानगर इंटरसिटी ढाई घंटे, 12485 नांदेड़ एक्सप्रेस एक घंटा और 54031 जींद पैसेंजर अाधे घंटे देरी से रेलवे स्टेशन पर पहुंची।

टेंडर खत्म होने के बादे स्टैंड पर वसूली, 6 दिन में 5 साइकिल चोरी
रोहतक | पार्किंग का टैंडर खत्म हुए छह दिन बीत गए हैं। इस अंतराल में पार्किंग परिसर में अाने वाले वाहन मालिकों को वसूली का शिकार होना पड़ रहा है। जीआरपी और रेलवे अफसरों की आपसी सहमति से ठेकेदार के एक कर्मचारी को जिम्मेदारी तो वाहनों की निगरानी करने के लिए दी गई है, लेकिन कर्मचारी की ओर से वाहन खड़े करने वालों से छह घंटे के 10 रुपए वसूले जा रहे हैं। गुरुवार देर शाम 7 बजे से रात 10 बजे के बीच चार वाहन मालिकों ने अवैध वसूली के विरोध में कर्मचारी से विवाद भी किया। कर्मचारी और वाहन मालिकों में झड़प की सूचना मिलने पर जीआरपी ने दोनों पार्किंग परिसर में ताला लगा दिया। शुक्रवार दोपहर 2 बजे के करीब वाहन लेने आए बाबा ओमदास महाराज ने बताया कि कर्मचारी ने 6 घंटे वाहन खड़े रखने के एवज में 10 रुपए पार्किंग शुल्क लिया है। वहीं, छह दिन में अब तक 5 साइकिल चोरी होने से जीआरपी परेशान है। वाहनों की निगरानी कर रहे कर्मचारी ने बताया कि यदि कोई शुल्क दे जाता है, तो लेते हैं। रविदास नगर निवासी आजाद शेखर ने बताया कि उसने 22 मार्च को 41 सौ रुपए की साइकिल खरीदी थी। 30 मार्च को स्टैंड में साइकिल खड़ी कर पर्ची लेकर देवी दर्शन को चला गया। 4 अप्रैल को वापस साइकिल लेने पहुंचा तो वहां से साइकिल गायब थी। कर्मचारी को पर्ची दिखाकर साइकिल का पता लगाने को कहा। आरोप है कि कर्मचारी ने उल्टे पर्ची फाड़कर भगा दिया। तीन दिन से चक्कर काट रहा हूं। न तो ठेकेदार कोई सुनवाई कर रहा है और न ही रेलवे प्रशासन। आजाद शेखर शुक्रवार दोपहर स्टेशन अधीक्षक बीएस मीणा के पास पहुंचा तो उसे साइकिल की कीमत का भुगतान कराने का आश्वासन दिया गया।

एक कर्मचारी की निगरानी ड्यूटी लगाई
साइकिलों पर कोई नंबर प्लेट तो होती नहीं है। जिसकी पहचान की जा सके। रात में ही साइकिल चोरी हो रही है। हमने सीएमआई और स्टेशन अधीक्षक से बात करके एक कर्मचारी काे निगरानी रखने के लिए लगा रखा है। जब तक नया ठेकेदार नहीं आता है, तब तक सुरक्षा के लिए हमने थाने से भी ड्यूटी लगा रखी है। -नरेंद्र सिंह, एसएचओ, जीआरपी

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