दीनबंधु ग्रामोदय योजना के तहत 14 में से 3 गांव ही कृषि मंत्री के सामने अपनी समस्या रख पाए। अन्य गांवों के लिए कम से कम 15 सदस्यों का कोरम पूरा न होने की बात कहकर मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ बैठक से ही उठकर चले गए। उनका कहना है कि गांवों की समस्या पर जब तक गांव के 15 लोगों के बीच बात ना हो, तब तक किसी गांव की प्लानिंग नहीं बन सकती। यहां तक कि सीएम के गांव से भी पूरे सदस्य बैठक में नहीं पहुंचे थे और वे भी समस्या नहीं रख पाए। रिठाल, खरावड़ और भालौठ गांव के लोगों ने समस्या गिनवाई। इनमें भी मुख्य समस्या पेयजल संकट और मीठा पानी ना मिलने की रही। ऐसे में मंत्री की ओर से तीनों गांवों के सरपंचों की समस्या को नोट करवाकर अब इनकी प्लानिंग संबंधित विभागों से बनवाई जाएगी। अब 28 मई को सुबह 11 बजे जिला विकास भवन में ही इस योजना के गांवों के मौजिज लोगों के साथ बैठक की जाएगी। मंत्री धनखड़ ने कहा कि सरकार ने महाग्राम योजना के तहत प्रदेश के 126 बड़े गांवों में सीवरेज व्यवस्था शुरू करने का भी निर्णय लिया है। इसके तहत कुछ गांवों में कार्य हो चुका है और शेष गांवों में यह सुविधा अगले वर्ष मुहैया करवा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी ग्राम पंचायत में 15 से कम लोग शामिल होंगे तो उनकी समस्याएं नहीं सुनी जाएंगी। उन्होंने कहा कि इस दिन सभी विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे।
खरावड़ में ये है समस्या
गांव खरावड़ में लड़कियों के स्कूल की इमारत टूट चुकी है, लड़कों के स्कूल के आठ कमरे जर्जर हैं। कम्युनिटी सेंटर बनाया जाए, व्यायामशाला, जलघर के दो टैंक बनवाए जाए, पीएससी के कमरे, आंगनबाड़ी बनवाई जाए।
भालौठ में ये है समस्या
गांव भालौठ में कम्युनिटी सेंटर, बरसाती पानी की निकासी, स्कूल के पीछे से से पाकस्मा तक रास्ता, दो आंगनबाड़ी, फिरनी पक्की करने, मीठा पानी की व्यवस्था करने, व्यायामशाला व स्कूलों पर सोलर सिस्टम लगाया जाए।
रिठाल की बताई ये समस्या
रिठाल गांव में लड़कियों केे स्कूल के 7 कमरे दोबारा बनाए जाने हैं, दो नए तालाब बनवाने हैं। बिजली के लिए अलग से 5 किमी की लाइन डाली जाए, ग्रामीण नॉलेज सेंटर बनाया जाए और पशु अस्पताल को ठीक किया जाए। सरपंच ने गांव में पार्क मांगा, लेकिन मंत्री ने पार्क का कांसेप्ट ही गांव के लिए ना होने की बात कही।
दिल्ली से चंडीगढ़ एनएच
पर हॉट होगा विकसित
कृषि मंत्री ने पत्रकारों से करते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों में मुख्यालय पर बैठकर योजनाएं बनाई जाती थी, लेकिन वर्तमान सरकार के कार्यकाल में ग्रास रूट पर लोगों से सहमति लेकर विकास कार्य करवाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह वास्तविकता की स्थिति और व्यवहार की जानकारी मिलती है। लोगों की मांग अनुसार कार्य होने पर उनका सीधा लाभ मिलता है। गांव की जमीन पर हाॅट बनाने का कार्य किया जाएगा, ताकि किसान सड़क किनारे बैठकर अपना सामान न बेच सके। हॉट बनाने से जनता को ताजा सामान मिलेगा और किसानों को उनकी उचित आमदनी मिलेगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली से चंडीगढ़ जाने वाले एनएच पर दो हजार करोड़ रुपए के सामान की बिक्री हो रही है। प्रदेश के अन्य सडक़ मार्गों पर भी इसका भरपूर लाभ मिलेगा।