अभिभावकों ने 10 स्कूलों की शिकायत की
प्राइवेट पब्लिशर्स की बुक खरीदवाने, मनमानी फीस जमा कराने के दबाव बनाए जाने और स्कूल स्टाफ की ओर से बच्चों के साथ उपेक्षापूर्ण रवैया अपनाने से खफा अभिभावक मंगलवार को एक बार फिर एकजुट हुए। दोपहर 12 बजे के बाद वे सभी डीसी कार्यालय में एकत्रित हुए। साथ ही दो जमा पांच मुद्दे जन आंदोलन संगठन के उपाध्यक्ष रोहताश सिंहमार की अगुवाई में एसडीएम राकेश कुमार से मिले। अभिभावकों ने 10 स्कूलों के खिलाफ लिखित में शिकायती पत्र देकर मनमानी से निजात दिलाने की मांग की। एसडीएम राकेश कुमार ने अभिभावकों को आश्वस्त किया कि वे बीईओ से वार्ता कर राहत दिलाएंगे। अभिभावक अभिभावक सीमा, सुनीता, पूजा, सुधा, मीनू, नरेश, सुनीता, सुरेंद्र, बालकिशन, अमर सिंह, रामेश्वर दास ने बताया कि बताया कि स्कूल संचालक शपथपत्र में लिखवा रहे हैं कि यदि सीबीएसई ने 10वीं कक्षा का एडमिट कार्ड नहीं जारी किया गया तो माता-पिता खुद जिम्मेदार होंगे।
स्कूल संचालकों ने लिखवाया शपथपत्र में सीबीएसई ने एडमिट कार्ड जारी नहीं किए तो अभिभावक होंगे जिम्मेदार
रोहतक. एसडीएम राकेश कुमार को ज्ञापन देते नियम 134ए के तहत अभिभावक।
नियम में फीस माफ फिर भी 2150 रुपए फीस मांग रहा स्कूल
छोटी मकड़ौली निवासी संतराम ने बताया कि मेरे बेटे की नियम 134 ए के तहत वर्ष 2015 में गोहाना रोड स्थित एक स्कूल में फीस माफ हुई थी। अब वह स्कूल में सातवीं कक्षा का छात्र है। फीस माफी की श्रेणी में आने के बाद भी स्कूल संचालक हम पर 2150 रुपए फीस भरने का दबाव बना रहे हैं। संतराम ने एसडीएम राकेश कुमार से अनावश्यक परेशान न किए जाने और फीस जमा कराने की समस्या से निजात दिलाने को शिकायती पत्र दिया है।
बीईओ बोले: स्कूल की मान्यता नहीं है
डेयरी मोहल्ला निवासी नरेंद्र कुमार ने बताया कि नियम 134 ए के तहत दूसरी कक्षा में बेटे का दाखिला प्राइवेट स्कूल में कराया है। प्राइवेट स्कूल से मिले पहली कक्षा के एसएलसी सर्टिफिकेट पर साइन कराने के लिए बीईओ के पास गया। उन्होंने स्कूल का नाम देखते ही उसे बिना मान्यता का स्कूल बता दिया। उन्होंने कहा कि इस स्कूल को तो मान्यता ही नहीं मिली है। ऐसे में बेटे को नियम 134 ए के तहत दाखिला नहीं मिल सकता है।