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फड़ी हटाने पर मार्केट कमेटी टीम से उलझे मासाखोर बोले, शेड के बाहर खड़े होते हैं वाहन, धंधा तो चलाएंगे

3 वर्ष पहले
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न्यू सब्जी मंडी में सड़क के पास लगी फड़ियां हटाने को लेकर खासा बवाल हो गया। फड़ी हटाने पहुंची मार्केट कमेटी टीम से मासाखोर कार्रवाई करने पर उलझ गए। मंगलवार सुबह करीब आठ बजे कार्रवाई के लिए पहुंची कमेटी टीम का कहना था कि रोड के पास फड़ी लगाने से यहां यातायात प्रभावित हो रहा है। उन्होंने मासाखोरों की सब्जियां और अन्य सामान जब्त करना शुरू किया तो मासाखोरों ने एतराज जताते हुए हंगामा कर दिया।

मासाखोरों का कहना है कि उनकी तय जगह के सामने आढ़तियों के यहां आने वाले लोडिंग वाहन खड़े रहते हैं। उनके लिए जगह नहीं बचती। धंधा चौपट हो रहा है तो वो रोड के पास फड़ लगा रहे हैं। कमेटी की कार्रवाई के खिलाफ मासाखोरों ने नारेबाजी की। इस दौरान वहां पर कुछ आढ़ती भी पहुंचे। दोनों पक्षों में विवाद होने पर झड़प भी हुई। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस भी बुलानी पड़ी। करीब एक घंटे तक सब्जी मंडी में ये स्थिति बनी रही। बाद में कमेटी टीम ने सामान वापस लौटाते हुए केवल चेतावनी देते हुए मामले को शांत कराया। मासाखोर विजय, प्रदीप सपड़ा, रमेश पंडित, सुरेंद्र नरवाल, नन्हा सैनी, महेंद्र सपड़ा कहना था कि उनका कारोबार मार्केट कमेटी की लापरवाही और मिलीभगत से चौपट हो रहा है। ऊपर से वो कार्रवाई कर उन्हें डरा रहे हैं।

रोहतक. नई सब्जी मंडी में अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करते रिटेलर एसोसिएशन के सदस्य।

रोहतक. नई सब्जी मंडी में अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करते रिटेलर एसोसिएशन के सदस्य।

सड़क किनारे मासाखोरों द्वारा दुकान लगाने और आढ़तियों द्वारा सर्विस लेन पर वाहन न खड़े करने की शिकायत मिल रही थी। कमेटी टीम व्यवस्था बनाने के लिए गई थी। मासाखोरों से शेड में बैठने को कहा गया था, जिसे वे नहीं माने और उन्होंने ऐतराज जताया। विवाद जैसी स्थिति नहीं बनी थी। मासाखोरों व आढ़तियों को हिदायत देकर व्यवस्था बनाए रखने को कहा गया है। फिलहाल बूथ अवंटित नहीं हुए है। अभी अस्थायी तौर पर शेड में मासाखोरों को बिठाया गया है। जल्द ही स्थायी व्यवस्था की जाएगी। सविता सैनी, सचिव, मार्केट कमेटी, न्यू अनाज मंडी

आढ़तियों के वाहन खड़े होने से व्यापार चौपट

शेड में बूथ उन्हें आवंटित हो रहे हैं, जिन्होंने वर्ष 2012 से छह हजार रुपए फीस नहीं भर रखी है। हम सभी मासाखोर 15 दिनों से शेड में बैठ रहे थे। लेकिन आढ़तियों की ओर से शेड के बाहर लाइन से वाहन खड़े कर देने से ग्राहक अंदर नहीं पा रहे थे। इससे व्यापार चौपट हो रहा था। आढ़ती संघ के प्रधान को अवगत कराया, लेकिन बात नहीं बनी। आज जब मार्केट कमेटी टीम ने अाकर सब्जियां ट्रैक्टर में डालनी शुरू कर दी, जिससे मासाखोर भड़क गए और उन्होंने नारेबाजी करते हुए विरोध दर्ज कराया। फिलहाल अब सभी मासाखोर शेड में बैठने का फैसला बुधवार को लेंगे। ज्ञान सिंह, सलाहकार, रिटेलर एसोसिएशन नई फल एवं सब्जी मंडी

मासाखोर शेड में बैठने को तैयार नहीं

मार्केट कमेटी व प्रशासन ने सब्जी मंडी में नया शेड बनवा दिया है। सभी मासाखोर को बूथ आवंटित कर दिए गए हैं। लेकिन ये लोग अंदर बैठने को तैयार नहीं है। सड़क पर बैठने से यातायात प्रभावित होता है। इससे व्यापार पर भी असर पड़ता है। आढ़तियों की तरफ से वाहन जरूर शेड के बाहर खड़े कर दिए जाते हैं जो नहीं किए जाने चाहिए। हमने सभी आढ़ती भाईयों से अपील की है कि वे शेड के बाहर वाहन न खड़े करें। जिससे मासाखोरों का धंधा प्रभावित हो। विवाद सिर्फ मार्केट कमेटी टीम की कार्रवाई पर हुआ है। आढ़तियों की ओर से धंधा चौपट किए जाने के आरोप गलत हैं। सोनू छाबड़ा, प्रधान, फल एवं सब्जी मंडी आढ़ती एसोसिएशन

6 साल में 334 बूथ तैयार

प्रधान सुरेंद्र नरवाल ने बताया कि वर्ष 2012 में छह हजार रुपए बूथ आवंटन कराए गए थे, लेकिन आज तक कोई आवंटन नहीं हुए। वर्तमान में नौ गुणा 8 आकार के 334 बूथ बनकर तैयार है। लेकिन मार्केट कमेटी प्रबंधन हमें बूथ आवंटित नहीं कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि आढ़तियों और कमेटी पदाधिकारियों की मिलीभगत में मासाखोरों को सुविधाओं से वंचित किया जा रहा है।

नई सब्जी मंडी में खड़े ट्रक व अन्य वाहन

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