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पुराने शहर से नहीं उठाया कचरा, अब जलाने लगे लोग

3 वर्ष पहले
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निकाय कर्मियों की 7 दिन से चली आ रही हड़ताल 17 मई तक बढ़ने से शहरवासियों का भी धैर्य टूट गया। मंगलवार को एक हफ्ते से घरों में रखा कूड़ा सड़कों, चौक-चौराहों व अन्य सार्वजनिक स्थानों पर डालने को लेकर लोगों के बीच झगड़े शुरू हो गए। शहर के गली-मोहल्ले करीब 900 मीट्रिक टन कचरे से सड़ रहे हैं। लिफ्टिंग व्यवस्था फेल हाेने से कूड़ा सॉलिड वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट भी नहीं पहुंच रहा है। सबसे ज्यादा खराब हालात पुराने शहर के अधिकांश मोहल्ले के हैं, जबकि प्रशासन रात के अंधेरे और पुलिस पहरे में नए शहर से कूड़ा उठवा रहा है। इससे यहां के निवासियों में आक्रोश है। रेलवे रोड, अप्रोच रोड, हुडा कांप्लेक्स, झज्जर रोड मोड़, माता दरवाजा चौके के आगे जींद रोड, जनता कॉलोनी, गांधी कैंप, पुराना गोहाना अड्डा चौक, चमेली मार्केट, इंदिरा मार्केट, कसाइयों वाला चौक की गंदी गली, गढ़ी मोहल्ला, संजय नगर, आर्य नगर, आकाशवाणी चौक से सुखपुरा चौक रोड, प्रेम नगर आदि मोहल्लों व कॉलोनियों में अब कूड़ा नहीं उठने पर संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा पैदा हो रहा है।

यहां से उठवाया कचरा

निगम ने मंगलवार रात को 9 बजे सफाई अभियान चलाया। पुलिस की मौजूदगी में शुरुआत दिल्ली रोड से की गई। आॅफिसर्स कॉलोनी, सीआर पालीटेक्निक, डी-पार्क, राज टॉकीज, कोआपरेटिव बैंक, गांधी कैंप, ओल्ड आईटीआई, झज्जर चुंगी, हुडा कांप्लेक्स, रेलवे रोड, झज्जर रोड और पुलिस लाइन राेड के ऊपर जमा कूड़ा उठवाया गया।

नाक पर कपड़ा रख स्कूल जा रहे बच्चे

स्कूल आने जाने वाले बच्चों को भी कूड़ों के ढेर से होकर गुजरना पड़ रहा है। दूसरी आेर पुरुषों की बजाए महिलाएं मुंह कपड़े बांधकर घर से कचरा से भरा कट्टा स्कूटी से सड़कों पर छोड़कर जा रही हैं। इसको लेकर विवाद भी हुए। मंगलवार की सुबह 7:30 बजे कसाइयों वाले चौक की गंदी गली के मोड़ पर कचरा फेंकने आई महिला आसपास के लोगों के मना करने पर उलझ गई। किसी तरह उसे शांत किया गया। आर्य नगर से झज्जर मोड़ जाने वाली सड़क पर भी शाम को कूड़ा फेंकने को लेकर विवाद हुआ। रेस्टोरेंट व होटलों का कचरा रात में सड़कों पर फेंका जा रहा है।

रोहतक. कसाई वाले चौक से पुरानी सब्जी मंडी के रास्ते में फैली गंदगी की वजह से नाक पर कपड़ा रख जाते बच्चे।

घरों में जमा कूड़े का निपटान करना बनी चुनौती, रात में चौक पर फेंक रहे

कूल्हे में चोट, कहां लेकर जाऊं कूड़ा

पहले निगम की गाड़ी गली में आकर घर का कूड़ा ले जाती थी। हड़ताल के बाद का कूड़ा घर में जमा है। कूल्हे की हड्डी में चोट की वजह बिस्तर पर हूं। वाकर से कुछ ही कदम चलना हो पाता है। ऐसे में कूड़े का क्या करूं। नगर निगम अधिकारियों को जनता की परेशानी समझकूड़ा उठवाने का इंतजाम करना चाहिए। सरकार और सफाई कर्मचारियों की लड़ाई की सजा हम क्यों भुगतें। -मायावती, कायस्थान मोहल्ला

निगम का डस्टबिन घर से दूर है

कूड़ा फेंकने के लिए डस्टविन घर दूर है। गली के हर घर का कचरा निगम की गाड़ी में छोड़ा जाता है। हड़ताल के बाद से एक दिन भी कूड़ा उठाने के लिए निगम की अोर से गाड़ी नहीं भेजी गई। घर में पांच दिन से ऊपर का कचरा जमा है। यही हाल रहा तो बीमारियों से लोगों का जीना मुश्किल हो जाएगा। -कांता, बाबरा मोहल्ला

एसकेएस की अगुवाई में प्रदर्शन कर सीएम को भेजा ज्ञापन

एस्मा नहीं हटाने पर हड़ताल बढ़ाने की चेतावनी

भास्कर न्यूज | रोहतक

निकाय कर्मियों ने हड़ताल के 7वें दिन मंगलवार को सर्व कर्मचारी संघ की अगुवाई में जिला उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। सीएम को संबोधित ज्ञापन में 17 मई की शाम 5 बजे से पहले मांगों पर अमल नहीं होने और कर्मचारियों के ऊपर से एस्मा नहीं हटाने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी गई है। नगर निगम कार्यालय परिसर में सुबह 9 बजे से शुरू हुआ। हड़ताली कर्मियों ने सोमवार की रात चुपके से कचरा उठवाने को लेकर प्रशासन के प्रति रोष जताया। साथ ही हड़ताल के दौरान कूड़े की लिफ्टिंग रोकने के लिए डेढ़ सौ युवा सफाई कर्मचारियों और 30 महिला सफाई कर्मियों के अलग अलग जत्थे बनाए गए हैं। ये जत्थे रात को शहर में घूमकर प्रशासन की गतिविधियों पर नजर रखेंगे।

मंत्री कविता जैन जान बूझकर बन रहीं अनजान

सर्व कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष कर्मवीर सिवाच, रमेश लौरा, नगर पालिका कर्मचारी संघ के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अशोक थोरिया आदि ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल को हड़ताली कर्मचारियों से मिलकर समस्या का समाधान निकालना चाहिए। लेकिन शहरी स्थानीय निकाय मंत्री कविता जैन तक बयान करती हैं कि उन्हें पता कि शहर में निकाय कर्मियों की हड़ताल चल रही है। कर्मियों का कहना है कि हड़ताल अचानक शुरू नहीं हुई। पहले सभी जिला मुख्यालयों पर गेट मीटिंग, डीसी के माध्यम से सरकार को ज्ञापन भेजा गया। धरना और झाड़ू प्रदर्शन तक हुए। फिर तीन दिन की हड़ताल की चेतावनी दी गई। फिर भी प्रदेश सरकार और अधिकारियों ने निकाय कर्मियों की मांगों का नजरंदाज किया। आज भी सरकार उनकी मांगों के प्रति गंभीर नहीं है। हरियाणा भवन में प्रिंसिपल सेक्रेटरी के साथ नगर पालिका कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई वार्ता का बेनतीजा होना इसका सबूत है।

हड़ताल को दिया समर्थन

दो जमा पांच मुद्दे जन आंदोलन के अध्यक्ष सत्यवीर हुड्डा ने निकाय कर्मियों की हड़ताल को समर्थन दिया है। प्रतिनिधिमंडल के साथ निगम कार्यालय में हुड्डा ने धरने काे संबाेधित किया। इस दौरान रोहतास सिहमौर, प्रवीण कुमार कल्सन, अर्जुन प्रजापत व राकेश मायना भी उपस्थित रहे।

लघु सचिवालय गेट पर पुलिस ने रोका

दोपहर 12:30 बजे आंदोलनकारी निगम परिसर से अंबेडकर चौक से होते हुए सोनीपत स्टैंड, मानसरोवर पार्क के पास सुभाष चौक, कोट रो होते हुए लघु सचिवालय लौट आए। लेकिन उन्हें जिला उपायुक्त कार्यालय जाते समय पुलिस कर्मियों ने गेट पर ही रोक लिया। इस दौरान गेट के अंदर जाने के लिए कर्मचारियों ने असफल कोशिशें की। एसडीएम रोहतक राकेश कुमार ने मौके पर ज्ञापन लिया।

नपा कार्यालय पर जड़ा ताला, कामकाज प्रभावित

महम | मांगों को लेकर धरने पर बैठे सफाई कर्मचारियों ने मंगलवार सुबह महम नगर पालिका कार्यालय के सभी कमरों पर ताला लगा दिया। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक हड़ताल रहेगी तब तक वह किसी भी अधिकारी को कार्यालय में नहीं घुसने देंगे। फिलहाल ताले जड़ने से नगर पालिका में कोई काम नहीं हो रहा। वहीं, दूसरी तरफ नगर पालिका प्रधान ने हड़ताल पर गए कर्मचारियों की तनख्वाह से पैसे काटने की बात कही है। प्रधान फतेहसिंह का कहना है कि जो कर्मचारी काम छोड़कर हड़ताल पर बैठे हैं उन्हें काम न करने के दिनों की तनख्वाह नहीं दी जाएगी। हड़ताली कर्मचारियों ने मंगलवार शाम को सरकार के खिलाफ विरोध प्रकट करते हुए मशाल जुलूस निकाला।

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