आज चांद दिखा तो तरावीह की नमाज होगी, 17 मई को पहला रोजा 15 घंटे का
मुस्लिम समुदाय में रहमतों और बरकतों के रमजान उल मुबारक माह की तैयारियां शुरू हो गई है। 16 मई यानि आज चांद दिखने पर पहले रोजे के लिए तरावीह की नमाज पढ़ी जाएगी। पहला रोजा 17 मई यानि गुरुवार को करीब 15 घंटे का होगा। इस्लामिक कैलेंडर के मुताबिक 16 मई को चांद दिखा तो 17 मई से रमजान माह शुरू हो जाएगा। तेज गर्मी के दौरान रोजे आने का संयोग एक लंबे समय के बाद बन रहा है। अभी शाबान का महीना चल रहा है। इसके खत्म होने के बाद रमजान का महीना शुरू होगा।
नेकी की राह पर चलना
किला रोड स्थित प्राचीन लाल मस्जिद के इमाम सैय्यद मोहम्मद तसलीम ने बताया कि रमजान-उल-मुबारक महीना नेकी की राह पर चलने और गुनाहों से तौबा करने की सीख देता है। हर मुसलमान के लिए पूरे माह के रोजे रखना फर्ज है। रोजे के मायने केवल भूखे प्यासे रहना ही नहीं है, बल्कि खुद को उस हर बात से रोकना है, जिससे किसी को तकलीफ पहुंचे। जुबान से ऐसी बात नहीं बोले जो किसी को बुरी लगे। अपने हाथों से कोई ऐसा काम नहीं करें जो किसी को नुकसान पहुंचाए।
10 दिन पीछे हो जाता रोजा
इस्लामिक अरबी कैलेंडर चंद्रमा पर आधारित है। इसमें अंग्रेजी कैलेंडर की तुलना में हर साल 10 या 11 दिन कम हो जाते हैं। हर महीना दस दिन पीछे हो जाता है। पिछले साल 27 मई को रमजान का महीना शुरू हुआ था।
लंबे समय के बाद मई में शुरू हो रहा पाक महीना