भरणी नक्षत्र में श्रद्धालुओं ने मनाई शनि जयंती, मंदिरों में लगे भंडारे
शहर के छोटे-बड़े श्री शनि देव मंदिरों में मंगलवार को शनि जयंती मनाई गई। श्रद्धालुओं ने भरणी नक्षत्र में भगवान शनि देव की पूजा-अर्चना की। ऐसा संयोग करीब 10 साल बाद आया है, जब मंगलवार को अमावस्या पर शनि जयंती मनाई गई हो। इस अवसर पर मंदिरों में विशेष आराधना हुई और दिनभर भंडारा चला। शाम को भक्तों ने श्री शनि देव पर सरसों का तेल चढ़ाकर पूजा की। पीपल के पेड़ के नीचे ज्योत जलाई। मॉडल टाउन स्थित गुफा मंदिर में देर शाम तक शनि देव के भक्तों का तांता लगा रहा। मंदिर के पंडित ओमप्रकाश ने बताया कि भोम मति, शनिचरा और वट सावित्री अमावस्या जैसे सर्वार्थ सिद्धि योग तीनों एक साथ आने से यह यह शुभ योग बने हैं। शनि जयंती के दिन वृष राशि में सूर्य का प्रवेश हुआ है, जिससे लाभ की प्राप्ति होगी। भरणी नक्षत्र होने से इसके स्वामी यम हैं। यम के नक्षत्र में मंगलवारी अमावस्या पर शनि जयंती पड़ने से इसे शुभ माना गया है। पंडित रवि ने बताया कि 10 साल बाद मंगलवार को शनि जयंती का योग बना है। इससे पहले वर्ष 2008 में मंगलवार को शनि अमावस्या आई थी।
भंडारा लगाया
ओउम धर्म सेवा ने मॉडल टाउन के मंदिर में भंडारा लगाया। धर्म सेवा के प्रधान विनोद मलिक ने बताया कि सुबह 11 बजे भंडारा शुरू किया था, जो रात 10 बजे तक चला है। वह हमेशा शनि जयंती पर भंडारा लगाते हैं। इस अवसर पर महंत बाबा कर्णपुरी, महेंद्र नागपाल, नरेंद्र, अशोक खुराना, बाबूराम, राजू सहगल, सुरेश मग्गू मौजूद रहे।
रोहतक. गुफा वाले मंदिर में शनि देव महाराज की पूजा करते हुए श्रद्धालु।