जब सुप्रीम कोर्ट में मोबाइल बैन है, यह तो फिर भी भगवान की कोर्ट है, कथा पंडाल में तो इसे बंद रखो
ये सुप्रीम कोर्ट से भी बड़ी कोर्ट है। क्योंकि ये भगवान की कोर्ट है। जब सुप्रीम कोर्ट में मोबाइल बैन, तो यहां क्यूं नहीं। क्यूं हम कुछ पल सब कुछ छोड़ सिर्फ भगवान में ही ध्यान नहीं लगाते। लोग हफ्ते बाद भी यहीं रहेंगे। लेकिन हफ्ते बाद आपको ये कथा सुनने को नहीं मिलेगी। कुछ इस तरह कथा व्यास साक्षी गोपाल दास महाराज ने पंडाल में मौजूद भक्तों को भगवान में लीन होने के लिए कहा। कथा के बीच में फोन का प्रयोग करने पर उन्होंने ये बातें कहीं। इस्कॉन प्रचार समिति की ओर से मदन लाल धींगड़ा कम्यूनिटी सेंटर में चल रही श्रीमद भागवत कथा के चौथे दिन कथा व्यास ने तीन कर्मों के बारे में बता भक्तों का उदगार किया। उन्होंने बताया कि कर्म वो होते हैं जो अपनी भौतिक इच्छाओं की पूर्ति के लिए किए जाते है। विकर्म वो होते हैं जो शास्त्रों की आस्था का उल्लंघन करते हैं। विक्रमी लोगों को नरक में आना पड़ता है। अकर्म वो होते हैं जो सिर्फ और सिर्फ भगवान की प्रसन्नता के लिए किए जाते हैं। इनका बंधन नहीं लगता और ऐसे कर्म भक्ति कहलाते हैं।
रोहतक. कथा के दौरान प्रवचन सुनते श्रद्धालु (इनसेट में ) प्रवचन देते साक्षी गोपाल दास महाराज।
मन हमारा मित्र और शत्रु दोनों हैं इसे भक्ति में लगाएं
साक्षी गोपाल दास महाराज नेे कहा कि यह भौतिक शरीर एक जेल की तरह है जो हमारे बुरे कर्मों का परिणाम भुगतता है। हमारा मन हमारा मित्र और शत्रु दोनों है। अगर यह भौतिक कार्यों में लगता है तो शत्रु है और कृष्ण की भक्ति में लगता है तो बड़ा और प्रिय मित्र है। इस अवसर पर महामण्डलेश्वर स्वामी विश्वेश्वरानंद गिरि महाराज और उद्योगपति दीपक जैन ने बतौर मुख्यअतिथि शिरकत की। इस अवसर पर एलपीएस बोसार्ड के डायरेक्टर राजेश जैन, संस्था के प्रधान सुभाष तायल, विजय बाबा, राजीव जैन, विपिन गोयल, सुनील बल्ली, रमेश रोहिल्ला, उमा गोयल, जयभगवान ऐरन, गुलशन निझावन, वरूण शर्मा, राजेश गुप्ता, अनिल बंसल, सन्नी निझावन, जगदीश बालंदिया आदि मौजूद रहे।
अजना वर्ष से देश का नाम पड़ा भारत
साक्षी गोपाल दास महाराज ने बताया कि जिस देश में हमारा जन्म हुआ उस देश का नाम अजना वर्ष था लेकिन बाद में महाराज भरत के नाम पर भारत पड़ा। चैतन्य महाप्रभु जब 500 वर्ष पहले भगवान कृष्ण से युग अवतार इस धरा पर आए। उन्होंने बताया कि जिस मनुष्य का जन्म इस भारत भूमि पर हुआ है वो मनुष्य बहुत सौभाग्यशाली है।