महिला आयोग ने एक गुमनाम पत्र के आधार पर गांव भैसरू खुर्द गांव में पुलिस के साथ दबिश दी। आयोग को पत्र मिला था कि गांव के एक परिवार में विवाहिता को प्रताड़ित किया जा रहा है। रात भर उसके कमरे से रोने की आवाज आती रहती है। जब आयोग की टीम ने गांव में जाकर इस बारे में लोगों से पूछा तो उन्होंने ऐसे किसी मामले से इंकार कर दिया। बाद में पत्र में लिखे पते के आधार पर एक परिवार से बातचीत की गई। उस घर की महिलाओं ने भी ऐसी किसी घटना से इंकार कर दिया। हालांकि आयोग के सामने उन्होंने स्वीकार किया कि कुछ दिन पहले उनका झगड़ा हुआ था। लेकिन रोजाना मारपीट और प्रताड़ना जैसी कोई बात नहीं है। इसके बाद महिला आयोग की अध्यक्ष प्रतिभा सुमन, प्रोडक्शन अफसर करमिंदर कौर, महिला थाना प्रभारी इंस्पेक्टर गरिमा चौधरी ने महिला के बयान दर्ज कर वापस लौट गई। संबंधित परिवार ने उनके बारे में गुमनाम पत्र लिखने को रंजिश करार दिया है। राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष प्रतिभा सुमन ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर इस संवेदनशील मामले में कार्रवाई की गई है। हालांकि पत्र में लगाए आरोप अभी तक की जांच में गलत मिले हैं।