इस्कॉन प्रचार समिति रोहतक की ओर से 25 फुट ऊंचे और 10 टन भारी रथ पर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और बहन सुभद्रा की यात्रा निकाली गई। हरे कृष्णा-हरे राम, हरे राधा-हरे गोविंद, हरे गोविंद-हरे गोपाल, विष्णु माधव-दीन दयाल आदि मंत्रों से पूरा शहर गूंज उठा। 650 भक्तों ने 300 फुट लंबे और साढ़े 4 इंच मोटे रस्से को अपने दोनों हाथों से खींचते हुए 5 किलोमीटर का लंबा सफर तय किया। छोटे-छोटे बच्चे भी रथ को खींच रहे थे। एक ओर भक्त ग्वाल-गोपियां बनकर हरि के भजनों पर थिरक रहे थे। दूसरी ओर, रथ के आगे-आगे झाडू लगाकर पानी छिड़क रहे थे। कोई जगन्नाथ रथ के रास्ते में फूल वर्षा कर रहा था तो कोई अपने साथ बाल-गोपाल लेकर पहुंचा। वहीं, रात 8:15 बजे झज्जर रोड पर वैश्य गर्ल्स सीनियर सेकंडरी स्कूल के सामने क्रेन से भगवान जगन्नाथ, बलभद्र के साथ बहन सुभद्रा को 56 भोग लगाया गया। भक्तों ने अपने घरों और दुकानों के बाहर रथ को रुकवाकर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की आरती उतारी। इस रथ यात्रा में रोहतक के अलावा वृंदावन, दिल्ली, मुरादाबाद, सहारनपुर, मुज्जफरनगर, अंबाला और यमुनानगर से भी श्रद्धालु अपने परिवार सहित पहुंचे।