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दिन में स्कूल और रात को घर में पढ़ाई से बेटियां बनीं टॉपर

3 वर्ष पहले
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हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की ओर से घोषित किए गए 12वीं कक्षा के परिणामों में बेटियों ने सराहनीय प्रदर्शन किया तो वहीं, छात्रों ने भी कोई कसर नहीं छोड़ी। आर्थिक स्थिति अच्छी न होने से बच्चों ने कोचिंग और ट्यूशन का सहारा नहीं लिया। स्कूल में पढ़ाई को फोकस किया, जबकि रात में स्कूल की पढ़ाई का रिवीजन कर परीक्षा की तैयारी की। राज्य के मेधावियों की सूची में नाम दर्ज कराने का संकल्प लेकर तैयारी करने वाले छात्र-छात्राओं ने 96 फीसदी तक रिजल्ट देकर संकल्प पूरा करने की दिशा में कदम आगे बढ़ाए। भालौठ गांव के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के प्रिंसिपल डॉ. नरेश कुमार ने बताया कि 25 में से 07 छात्राओं ने मेरिट में जगह बनाई। प्रिंसिपल डॉ. नरेश ने सफलता का श्रेय शिक्षिका दीपा, सज्जन सिंह, अनीता, आशा, सुमन, गायत्री, शांता, शकुंतला व कमला की मेहनत व बच्चों की लगन को दिया है। बीईओ वीरेंद्र मलिक ने बताया कि छात्रा प्रीति पुत्री जाेगिंद्र ने 96 फीसदी अंक पाकर जिले का नाम रोशन किया है।

सांघी स्कूल के 81 विद्यार्थी ने हासिल की मेरिट

सांघी स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के प्रिंसिपल जयपाल दहिया ने बताया कि 12वीं कक्षा में स्कूल से 128 विद्यार्थी शामिल हुए थे। इनमें नताशा 90.6 फीसदी, ज्योति 92 फीसदी, नीशू 90.4 फीसदी, प्रीति 92.6 फीसदी, गीता 92.2 फीसदी, पूजा 90 फीसदी, निधि 90 फीसदी, निर्मल 90.8 फीसदी और नैंसी ने 91 फीसदी अंक हासिल किए, जबकि 81 बच्चों ने 75 फीसदी अंक पाकर मेरिट और 47 बच्चों ने 60 फीसदी अंक हासिल प्रथम श्रेणी में स्थान बनाया। प्रिंसिपल ने सराहनीय रिजल्ट देने का श्रेय शिक्षकों की मेहनत और बच्चों की लगन को दिया है।

स्कूल में पढ़ाई और रात में रिवीजन की

रोहतक. राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भालौठ उत्तीर्ण छात्राएं शिक्षकों के साथ खुशी मनाते हुए।

95.4 % अंक पाने वाली साक्षी का लक्ष्य आईएएस बनना

रोहतक। भालौठ गांव स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की छात्रा साक्षी पुत्री फूलकंवार ने कला संकाय में 95.4 फीसदी अंक हासिल किए हैं। साक्षी ने बताया कि 10वीं कक्षा में 94 फीसदी अंक हासिल किए थे, तभी मैंने सपना देखा था कि मुझे 100 फीसदी अंक हासिल कर राज्य स्तर पर टॉपर्स की लिस्ट में नाम दर्ज कराना है। इसके लिए मैंने दिन में स्कूल की पढ़ाई और रात में जागकर पढ़ाए गए विषयों का रिवीजन किया। पिता खेती किसान का काम करते हैं। आर्थिक स्थिति बेहतर न होने की वजह से मैंने कोचिंग व ट्यूशन में फीस भरने की बजाए सेल्फ स्टडी को प्राथमिकता में रखा। अब मेरा लक्ष्य आईएएस बनने का है।

12वीं में 92.0 फीसदी अंक लाने वाली ज्योति डॉक्टर बनना चाहती है

रोहतक। जसिया गांव निवासी रामरतन की बेटी ज्योति ने 10वीं कक्षा में 90.4 फीसदी अंक पाने के बाद अब 12वीं कक्षा में विज्ञान समूह की परीक्षा में 92 फीसदी अंक पाए हैं। सांघी गांव स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की छात्रा ज्योति ने बताया कि पिता स्कूल में बस ड्राइवर हैं। आर्थिक स्थिति बेहतर न होने की वजह से मैंने खुद ही कोचिंग व ट्यूशन का सहारा न लेकर सेल्फ स्टडी करने पर फोकस किया। देर रात में जागकर पढ़ाई की। जिन सवालों को हल करने में दिक्कत आती थी, उन्हें स्कूल में विषय संबंधित प्राध्यापक से पूछ लेती थी। जिसका मुझे काफी फायदा मिला। मैंने अव्वल नंबर पाने में सफलता पाई। अब मेरा लक्ष्य अब डाॅक्टर बनना है।

किसान की बेटी ने पाए

92.6 फीसदी अंक

रोहतक। सांघी गांव स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की 12वीं कक्षा में विज्ञान संकाय की छात्रा प्रीति पुत्री वेदपाल ने बताया कि उसने 10वीं कक्षा में 89.6 फीसदी अंक हासिल किए थे। उसका लक्ष्य 100 फीसदी अंक पाकर प्रदेश के मेधावियों की सूची में नाम दर्ज कराना था। इसके लिए स्कूल में बनी लाइब्रेरी रखी पुस्तकों से पढ़ाई की, शिक्षकों की मदद ली। समय-समय पर क्लास में लिए गए टेस्ट में स्वयं का मूल्यांकन करते हुए रिजल्ट में सुधार करने पर फोकस किया। इसका परिणाम है कि उसे 12वीं कक्षा की परीक्षा परिणाम में 92.6 फीसदी अंक हासिल करने में सफलता मिली। प्रीति ने बताया कि अब उसका लक्ष्य डाक्टर बनना है। इसके लिए कड़ी मेहनत कर आगे बढ़ना है।

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