रुदावल। गांव पिचूना में आयोजित भागवत कथा में प्रवचन सुनते श्रद्घालु।
भास्कर संवाददाता|रुदावल
गांव पिचूना के गरुणजी मंदिर पर संत पूरनदास महाराज के सानिध्य में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में रविवार को कथावाचक आचार्य चन्द्रप्रकाश शास्त्री ने भक्तों को प्रवचन देते हुए नशामुक्ति का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नशा परिवार के नाश की जड़ है। इससे मनुष्य के साथ परिवार भी नष्ट होता है। उन्होंने बेटी बचाने एवं बेटी पढ़ाने का भी आह्वान करते हुए कहा कि बेटी पराए घर जाने के बाद भी कष्ट के समय हरसंभव मदद करती है। कथावाचक ने प्रवचन देते हुए कहा कि जीवन में ऐसे भी क्षण आते हैं, जब अपने लोग भी साथ छोड़ देते हैं। यह समय का फेर होता है, इसलिए व्यक्ति को भागवत भजन करना चाहिए ताकि बुरे वक्त में वे साथ दे सके। उन्होंने कहा कि जीवन एक यज्ञ है, जिसमें काम, क्रोध, लोभ, मोह, मद व अहंकार है। इस अवसर पर कृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया। कथावाचक ने संगीतमयी भजनों की प्रस्तुति दी। इस मौके पर देवो, कन्हैया, सिद्धांत, लालो, बनवारीलाल, छिद्दाराम शर्मा, जयप्रकाश, कुलदीप, रामेश्वर शास्त्री, जगदीश, सुरेश, रामचरन, मोहनलाल, बलराम आदि मौजूद थे। भागवत कथा का समापन 25 मई को भंडारे के साथ होगा।
श्रीमदभागवत कथा में बताया भागवत पुराण का महात्म
वैर। गांव लखनपुर में श्रीमदभागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ रविवार को कलश यात्रा के साथ हुआ। यात्रा प्रमुख मार्गों से बैण्ड बाजे के साथ निकली। गांव वासियों ने कलश यात्रा का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया । भागवत कथा में वक्ता आचार्य दामोदर कौशिक ने श्रीमद भागवत पुराण महात्म एवं परीक्षित शुकदेव मिलन का प्रसंग सुनाया। कथा का समापन 27 मई को हवन पूर्णाहुति व प्रसादी वितरण के साथ होगा। इस अवसर पर सुनील शर्मा ,सियाराम ,ललतेश ,दिलीप ,महेन्द्र कांत, शिवलाल ,रामदयाल, केशवदेव आदि मौजूद थे।
मनुष्य जैसी संगत करेगा उस पर वैसा ही प्रभाव पड़ेगा
बाबूला। गांव हेलक स्थित धोहरे हनुमान मंदिर पर आयोजित भागवत कथा में कथावाचक केशव देव शास्त्री ने कृष्ण जन्म कथा सुनाई। साथ ही भजन सुनाए, जिस पर महिलाओं ने नृत्य किया। इसके अलावा श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया। वक्ता ने भगवान श्रीकृष्ण जन्म और नंदोत्सव प्रसंग सुनाया। साथ ही कहा कि मनुष्य पर संगत का असर पड़ता है। इस दौरान वसुदेव-शिशु कृष्ण की झांकी सजाई गई। मंदिर महंत रघुवीर दास त्यागी ने श्रीकृष्ण पूजन किया। सोमवार को गिरिराज पूजन व कृष्ण लीला प्रसंग का वाचन होगा।
बाबूला. कथा के दौरान महिला नृत्य करती हुई तथा कथा सुनती हुई।
वैर. कथा सुनाते आचार्य दामोदर कौशिक महाराज।