आरा के अस्पताल में 3 बच्चों की मौत परिजनों ने चिकित्सकों पर लगाया आरोप
सदर अस्पताल में शुक्रवार को इलाज के क्रम में एक-एक कर तीन बच्चों की मौत हो गई। बच्चों के परिजनों के रोने-बिलखने से माहौल उग्र गया। लोग हंगामा करने लगे। इस दौरान परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल में बच्चों के इलाज में लापरवाही की गई। मौत की वजह अस्पताल के डॉक्टर और कर्मचारी हैं। जब तक इन लोगों पर कार्रवाई नहीं होगी, हमलोग यहां से नहीं हटेंगे।
इस दौरान काफी देर तक सदर अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में हंगामा होता रहा। बाद में कुछ लोगों के समझाने पर मृतक के परिजन अपने-अपने बच्चों के शव के साथ रोते बिलखते चले गए। दूसरी तरफ, एसएनसीयू वार्ड में ड्यूटी पर रहे डॉक्टर कुमार रोहित ने कहा कि दोनों बच्चों की तबीयत खराब थी। उन्हें रेफर किया गया था। लेकिन, परिजनों ने पटना ले जाने में असमर्थता दिखाई।
दो बच्चों की मौत हुई है। परिजनों द्वारा क्रिटिकल हालत में लाकर बच्चों को भर्ती कराया गया था। इलाज में लापरवाही नहीं हुई है।
मृतक बच्चे के रोते-बिलखते परिजन।
6 दिनों में 5 मासूमों की मौत, व्यवस्था पर उठे सवाल
एसएनसीयू में इलाज के दौरान 5 नवजातों की मौत 6 दिनों के अंदर हुई है। मृत बच्चों के परिजनों का यह भी आरोप था कि ऑक्सीजन की कमी से बच्चों की यहां मौत हो रही है। वहीं, अन्य लोग चर्चा कर रहे थे कि 7 अप्रैल को बड़हरा थाना क्षेत्र के बभनगांवा के रहने वाले अशोक राम व ज्योति देवी की मासूम बच्ची और 8 अप्रैल को पवना थाना क्षेत्र के पवार गांव निवासी मनोज सिंह की प|ी रिंकू देवी की नवजात बच्चे ने एसएनसीयू वार्ड में दम तोड़ दिया था।