महात्मा गांधी रोड पर पार्किंग बैन होगी, बाइलेन होंगी वन-वे
एमजी रोड को जाम मुक्त करने के लिए ऑन स्ट्रीट पार्किंग पर पूरी तरह से रोक लगेगी। लोग शहीद चौक से अलबर्ट एक्का चौक होते हुए ओवरब्रिज तक रोड पर वाहन खड़ा नहीं कर सकेंगे। गाड़ियां खड़ी करने के लिए सिर्फ छह ऑफ स्ट्रीट पार्किंग उपलब्ध होगी। इनमें अलबर्ट एक्का चौक, डेली मार्केट टैक्सी स्टैंड, सैनिक मार्केट, चर्च कांप्लेक्स, रोस्पा टॉवर और बिग बाजार के पास की पार्किंग शामिल हैं। इन जगहों के अलावा रोड पर कहीं भी वाहन खड़ा पाया जाएगा, उसे जब्त कर लिया जाएगा। साथ ही जुर्माना वसूला जाएगा। नगर निगम ने वाहन उठाने वाली चार गाड़ियां ट्रैफिक पुलिस के हवाले कर दी हैं। रोड पर पार्किंग करने पर रोक लगाने के अलावा एमजी रोड के सभी बाइलेन को भी अतिक्रमणमुक्त करते हुए वन-वे किया जाएगा। इनमें लालजी हीरजी रोड, एचएन गांगुली रोड, विष्णु गली और डेली मार्केट रोड शामिल हैं। निगम के ट्रांसपोर्ट सेल ने इसका प्लान तैयार कर लिया है। 16 मई को होने वाली निगम बोर्ड की बैठक में इससे संबंधित प्रस्ताव रखा जाएगा। स्वीकृति मिलने पर इसी माह से यह नई व्यवस्था लागू कर दी जाएगी।
नई डिजाइन के पुलिस पोस्ट बनेंगे
नो पार्किंग जोन : यह तस्वीर डेली मार्केट थाने के पास की है। लोग सड़क पर ही गाड़ियां खड़ी कर रहे हैं। इस पर रोक लगेगी। नई व्यवस्था में जब्त की जाएगी।
कॉमर्शियल बिल्डिंग के बेसमेंट में पार्किंग जरूरी
एमजी रोड में नई व्यवस्था लागू करने से पहले कॉमर्शियल बिल्डिंग की बेसमेंट में पार्किंग की व्यवस्था करनी होगी। जितने भी कांप्लेक्स की बेसमेंट में अंडरग्राउंड दुकान या गोदाम बने हैं, उसे खाली कराया जाएगा। नगर आयुक्त ने टाउन प्लानिंग सेक्शन को ऐसे कांप्लेक्स की लिस्ट तैयार करने के लिए कहा है, जहां बेसमेंट में जगह होने के बाद भी वाहनों की पार्किंग नहीं हो रही है। इसके लिए एक बार फिर एमजी रोड में बिल्डिंग की जांच शुरू होगी।
निगम बोर्ड की बैठक में आज प्रस्ताव पर लग सकती है मुहर
जमीन मिलने के बाद बनेगा डेवलपमेंट प्लान
नगर विकास विभाग की ओर से एमजी रोड के सौंदर्यीकरण की प्लानिंग की गई है। आर्किटेक्ट राजीव चड्डा ने डिजायन तैयार की है। विभाग के अपर मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह ने इस प्लान को लागू करने के लिए सदर हॉस्पिटल, रांची यूनिवर्सिटी प्रबंधन को पत्र लिखकर जमीन देने की मांग की है। हालांकि, अब तक जमीन हस्तांतरण पर स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है। जमीन मिलने के बाद वाहन की पार्किंग और सौंदर्यीकरण का काम शुरू होगा।