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भाजपा सबसे बड़ी पार्टी; वजह कॉल सेंटर से 50 हजार बूथों तक माइक्रो-मैनेजमेंट

3 वर्ष पहले
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यहां जनता ने राहुल की नहीं सुनी। जिले की 9 में से 4 पर भाजपा और 5 पर कांग्रेस को मिली। कांग्रेस को 2 सीट का घाटा हुआ।

केंद्रीय मंत्रियों समेत 55 सांसदों को सौंपी थी 4-4 विधानसभा की जिम्मेदारी

संतोष कुमार |बेंगलुरू

कर्नाटक में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी भाजपा माइक्रो मैनेजमेंट के दम पर इस मुकाम तक पहुंची है। हालांकि कांटे के मुकाबले में वह बहुमत से चंद सीटें पीछे रह गई। कर्नाटक में बहुमत के लक्ष्य के साथ भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने मोदी कैबिनेट के 30 केंद्रीय मंत्रियों समेत 55 सांसदों को पहले 4-4 विधानसभा की जिम्मेदारी सौंपी थी। बाद में इसे कम करते हुए केंद्रीकृत व्यवस्था की। भाजपा ने पन्ना प्रमुख के साथ पहली बार पेज कमेटी भी बनाई, जिसमें वोटर लिस्ट के उसी पन्ने से 2-3 वोटर छांट कर अपने साथ जोड़े। इस तरह हर विधानसभा में पार्टी ने 15 से 22 हजार पन्ना कार्यकर्ताओं की फौज खड़ी की और 10 लाख से ज्यादा प्रतिबद्ध मतदाताओं को अपने साथ जोड़ा। भाजपा की इस जीत में उसकी प्रचार की रणनीति अहम रही। पार्टी ने महिला, युवा, किसान, एससी, एसटी, अल्पसंख्यक समेत सभी 8 मोर्चों को सक्रिय करते हुए हर गांव में जनसंपर्क की जिम्मेदारी सौंपी थी। यानी एक दिन में एक ही गांव में एक घंटे के अंतराल पर जनसंपर्क अभियान चलाया। एक दिन में 8 बार जनसंपर्क की रणनीति ने भाजपा को मुकाबले में सबसे ऊपर ला दिया।

इसके अलावा मिस्ड कॉल से पार्टी के सदस्य बने लोगों से कॉल सेंटर के जरिए सीधा संपर्क किया गया। जिन वोटरों से फोन पर बात नहीं होती थी, उनसे प्रत्यक्ष संपर्क के लिए 10-10 लोगों की वैरीफिकेशन टीम बनाई गई थी। हर विधानसभा में ये व्यवस्था रखी। इसके अलावा करीब 50-55 हजार बूथों को 3 हिस्सों- बूथ कमेटी, शक्ति केंद्र, महाशक्ति केंद्र में बांटकर काम किया। हर बूथ पर 5 से 7 लोगों की कमेटी बनाई। 5-7 बूथों को मिलाकर एक शक्ति केंद्र और 5 शक्ति केंद्र मिलाकर एक महाशक्ति केंद्र बनाया। राज्य भाजपा इकाई को रणनीतिक मामलों से दूर रखकर सिर्फ प्रचार अभियान में लगने को कहा गया। उम्मीदवारों के चयन में भी शाह ने अपने सर्वेक्षणों को ही प्राथमिकता दी।

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39 लिंगायत बहुल सीट भाजपा ने जीतीं। कांग्रेस 21 और जेडीएस 9 सीटों पर जीतीं।

24 वोक्कालिगा प्रभाव वाली सीट जेडीएस ने और 11 कांग्रेस ने जीती। भाजपा 8 पर आगे रही।

15 मुस्लिम डाॅमिनेटेड सीट पर भाजपा जीती। कांग्रेस 13 और जेडीएस 5 सीटों पर आगे रही।

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