भाजपा के रणनीतिकार अल्पमत सरकार के पक्ष में नहीं थे, लेकिन पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के अड़ने पर येद्दि ने शपथ ली। सूत्रों के मुताबिक चुनाव में अहम भूमिका निभाने वाले राज्यसभा सदस्य राजीव चंद्रशेखर का मत था कि बहुमत का जुगाड़ जल्दी संभव नहीं है। पहले जेडीएस-कांग्रेस को सरकार बनाने दें। फ्लोर टेस्ट के लिए राज्यपाल उन्हें 10-15 दिन देंगे। उसी दौरान विधायक तोड़कर जेडीएस-कांग्रेस सरकार गिराई जा सकती है। नहीं तो 5-6 माह में गठबंधन सरकार में विवाद जरूर होंगे। लोकसभा चुनाव के करीब कुमारस्वामी सरकार गिरा सकते हैं। लेकिन शाह ने सरकार बनाने का विकल्प चुना। विधायक जुटाने का काम येद्दि के विरोधी सोमशेखर रेड्डी को सौंपा गया। लेकिन विपक्ष की घेराबंदी और सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने शाह की रणनीति पर पानी फेर दिया। तुमकुर मठ के धर्मगुरु शिवकुमार स्वामी भी लिंगायत विधायकों से संपर्क नहीं कर पाए थे।