पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

पेंशनर्स से जुड़ी समस्याएं

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
श्रीगंगानगर| हर सोमवार को दैनिक भास्कर द्वारा लगातार पेंशनर्स की समस्या प्रकाशित की जा रही हैं। जिलेभर से बुजुर्ग अपनी परेशानी बताते हैं, जिनका हमारे द्वारा हर संभव निस्तारण करवाने का प्रयास किया जा रहा है। बीकानेर पेंशन विभाग की सबसे अधिक शिकायतें सुनने में आ रही हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि वे शिकायत मिलते ही निराकरण के प्रयास में लग जाते हैं। लेकिन हकीकत इससे ठीक विपरीत है। परेशान पेंशनर्स का कहना है कि बीकानेर स्थित कार्यालय से जानकारी तक नहीं मिल पाती कि पेंशन क्यों बंद कर दी गई।

एक हजार पेंशन मिलती थी, वह भी जनवरी 18 से नहीं मिली : आदर्शनगर निवासी 65 वर्षीय इकबाल कौर का कहना है कि वे गुरु हरकिशन स्कूल से बतौर टीचर सेवानिवृत्त हुई। वर्ष 2015 से 17 तक लगातार एक हजार रुपए मासिक पेंशन मिलती रही। लेकिन जनवरी 18 में पेंशन नहीं आई। इसके बाद कई बार ट्रेजरी व पेंशन शाखा में संपर्क किया गया, लेकिन कहीं से भी जवाब नहीं मिल रहा है कि पेंशन क्यों बंद कर दी गई।

फैमिली पेंशन मिलना अचानक बंद हो गया, कोई सुनवाई नहीं हो रही : सादुलशहर तहसील के गांव सरदार पुरा जीवन निवासी 57 वर्षीय इमरती देवी भी पेंशन विभाग की लापरवाही की खमियाजा भुगत रही है। इमरती देवी का कहना है कि उनके पति सरकारी सेवा में थे। पति की मृत्यु के बाद फैमिली पेंशन मिलने लगी। लेकिन अप्रैल 2017 में अचानक पेंशन बंद कर दी गई, इसके बाद आज तक पेंशन नहीं मिली है।

आंखें कमजोर, मशीन अगूंठा नहीं ले रही, कहां जाऊं : नगरपरिषद में वृद्धावस्था पेंशन के लिए आए पुरानी आबादी निवासी दर्शनसिंह का कहना है कि वृद्धावस्था पेंशन के लिए बीते कई माह से चक्कर लगा रहा है। कभी ई-मित्र तो कभी एसडीएम कार्यालय व नगरपरिषद के बीच भटक रहा है। आंखें कमजोर हैं। ई-मित्र पर अंगूठा लगाने गया तो मशीन ने अंगूठा नहीं लिया। इस पर कोई बता ही नहीं रहा है कि अब पेंशन के लिए कहां जाऊं।

अगर आप भी पेंशन से संबंधित समस्या से जूझ रहे हैं तो नंबर 9982216008 पर पूरी जानकारी वाॅट्सअप करें।

भास्कर उठाएगा

आवाज

खबरें और भी हैं...