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पत्रकारिता की किताबें समीचीन नहीं रहीं : विवेक

3 वर्ष पहले
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डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग की दाे दिवसीय एलुमिनी मीट शनिवार को विवि के लाइब्रेरी हाॅल से शुरु हुई। पहले दिन विभाग के स्थापना वर्ष 1984 से 2018 तक के 100 से अधिक विद्यार्थी शामिल हुए, जो देश के विभिन्न कोनों से आए हुए हैं। सभी ने मंच से यह बात स्वीकार की कि पत्रकारिता विभाग से मिली शिक्षा हमें जीवन में कई जगह उपयोगी साबित हुई।

इससे पहले मुख्य वक्ता दैनिक भास्कर के नेशनल सेटेलाइट एडिटर एवं विभाग के पहले बेच के छात्र शिवकुमार विवेक ने कहा कि पत्रकारिता में अब किताबें समीचीन नहीं रही हैं। कोर्स में बहुत बदलाव की जरूरत है। साथ ही मैदानी ट्रेनिंग भी जरूरी है। मेरा अनुभव है कि देश के कई पत्रकारिता विभागों के शिक्षक कई-कई साल तक प्रेस के दफ्तर नहीं जाते हैं। पत्रकारिता का बदला हुआ स्वरूप इन किताबों में नहीं मिलता है। अध्यक्षीय उद्बोधन में कुलपति प्रो. आरपी तिवारी ने कहा कि अगले तीन वर्ष में सभी मेजर विभाग के कोर्स का अपडेशन कराने की योजना बनाई है। उन्होंने कहा कि हर विभाग की बोर्ड ऑफ स्टडी को साफ निर्देश दिए हैं कि वह विभाग से निकले विशेषज्ञ छात्रों को बोर्ड में शामिल करें। उनके अनुभव लेते हुए कोर्स को तैयार करें। कुलपति ने कहा कि अब पत्रकारिता विभाग से त्रैमासिक पत्रिका कैंपस का प्रकाशन किया जायेगा। इसका खर्च विवि उठाएगा। इसमें पत्रकारिता विभाग में अध्ययनरत छात्रों द्वारा विवि में होने वाले विभिन्न आयोजनों के समाचार संकलित कर छापे जाएंगे।

डॉ. हरीसिंह गौर विवि पत्रकारिता विभाग की पूर्व छात्र परिषद द्वारा प्रकाशित स्मारिका का हुआ विमोचन।

भास्कर संवाददाता | सागर

डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग की दाे दिवसीय एलुमिनी मीट शनिवार को विवि के लाइब्रेरी हाॅल से शुरु हुई। पहले दिन विभाग के स्थापना वर्ष 1984 से 2018 तक के 100 से अधिक विद्यार्थी शामिल हुए, जो देश के विभिन्न कोनों से आए हुए हैं। सभी ने मंच से यह बात स्वीकार की कि पत्रकारिता विभाग से मिली शिक्षा हमें जीवन में कई जगह उपयोगी साबित हुई।

इससे पहले मुख्य वक्ता दैनिक भास्कर के नेशनल सेटेलाइट एडिटर एवं विभाग के पहले बेच के छात्र शिवकुमार विवेक ने कहा कि पत्रकारिता में अब किताबें समीचीन नहीं रही हैं। कोर्स में बहुत बदलाव की जरूरत है। साथ ही मैदानी ट्रेनिंग भी जरूरी है। मेरा अनुभव है कि देश के कई पत्रकारिता विभागों के शिक्षक कई-कई साल तक प्रेस के दफ्तर नहीं जाते हैं। पत्रकारिता का बदला हुआ स्वरूप इन किताबों में नहीं मिलता है। अध्यक्षीय उद्बोधन में कुलपति प्रो. आरपी तिवारी ने कहा कि अगले तीन वर्ष में सभी मेजर विभाग के कोर्स का अपडेशन कराने की योजना बनाई है। उन्होंने कहा कि हर विभाग की बोर्ड ऑफ स्टडी को साफ निर्देश दिए हैं कि वह विभाग से निकले विशेषज्ञ छात्रों को बोर्ड में शामिल करें। उनके अनुभव लेते हुए कोर्स को तैयार करें। कुलपति ने कहा कि अब पत्रकारिता विभाग से त्रैमासिक पत्रिका कैंपस का प्रकाशन किया जायेगा। इसका खर्च विवि उठाएगा। इसमें पत्रकारिता विभाग में अध्ययनरत छात्रों द्वारा विवि में होने वाले विभिन्न आयोजनों के समाचार संकलित कर छापे जाएंगे।

पत्रकारिता में आए हैं बड़े बदलाव : कृष्णात्रे
पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. प्रदीप कृष्णात्रे ने कहा कि पत्रकारिता हर क्षण चुनौतीपूर्ण रही है और वर्तमान में भी पत्रकारों के सामने विश्वसनीयता से लेकर अन्य कई चुनौतियां हैं। विभाग के पहले अध्यक्ष प्रो. केजी मिश्र ने कहा कि विभाग से निकले छात्र आज देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में विवि का नाम रोशन कर रहे हैं। पूर्व विभागाध्यक्ष सुरेश आचार्य ने कहा-विभाग के पिछले 34 वर्षों के विद्यार्थियों का यह समागम विवि के इतिहास की एक अभूतपूर्व घटना है। पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो एसएस नेगी ने कहा कि विवि पत्रकारिता विभाग निरंतर स्पंदित रहा है। वर्तमान विभागाध्यक्ष डॉ ललित मोहन ने सभी पूर्व छात्रों का स्वागत करते हुए विभाग को बेहतर बनाने के लिए सुझाव देने को कहा। कार्यक्रम को कुलसचिव विवेक दुबे ने भी संबोधित किया।

स्मारिका का विमोचन, सांस्कृतिक संध्या भी हुई
आयोजन के दौरान पूर्व छात्र परिषद द्वारा प्रकाशित स्मारिका का विमोचन अतिथियों द्वारा किया गया। उद्घाटन सत्र के बाद दोपहर के सत्र में 1983 से लेकर 2000 तक के पूर्व छात्रों ने सत्र वाइज अपना परिचय दिया। शाम को विवि घाटी के नीचे स्थित ईको पार्क में सांस्कृतिक संध्या में सभी पूर्व छात्र शामिल हुए। रविवार को एल्युमिनाई मीट का अंतिम दिन है।

पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. प्रदीप कृष्णात्रे ने कहा कि पत्रकारिता हर क्षण चुनौतीपूर्ण रही है और वर्तमान में भी पत्रकारों के सामने विश्वसनीयता से लेकर अन्य कई चुनौतियां हैं। विभाग के पहले अध्यक्ष प्रो. केजी मिश्र ने कहा कि विभाग से निकले छात्र आज देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में विवि का नाम रोशन कर रहे हैं। पूर्व विभागाध्यक्ष सुरेश आचार्य ने कहा-विभाग के पिछले 34 वर्षों के विद्यार्थियों का यह समागम विवि के इतिहास की एक अभूतपूर्व घटना है। पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो एसएस नेगी ने कहा कि विवि पत्रकारिता विभाग निरंतर स्पंदित रहा है। वर्तमान विभागाध्यक्ष डॉ ललित मोहन ने सभी पूर्व छात्रों का स्वागत करते हुए विभाग को बेहतर बनाने के लिए सुझाव देने को कहा। कार्यक्रम को कुलसचिव विवेक दुबे ने भी संबोधित किया।

स्मारिका का विमोचन, सांस्कृतिक संध्या भी हुई
आयोजन के दौरान पूर्व छात्र परिषद द्वारा प्रकाशित स्मारिका का विमोचन अतिथियों द्वारा किया गया। उद्घाटन सत्र के बाद दोपहर के सत्र में 1983 से लेकर 2000 तक के पूर्व छात्रों ने सत्र वाइज अपना परिचय दिया। शाम को विवि घाटी के नीचे स्थित ईको पार्क में सांस्कृतिक संध्या में सभी पूर्व छात्र शामिल हुए। रविवार को एल्युमिनाई मीट का अंतिम दिन है।

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