पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • काले हिरण पर काला साया: ग्रामीणों के संपर्क में हैं शिकारी, लोकेशन मिलते ही आ धमकते हैं

काले हिरण पर काला साया: ग्रामीणों के संपर्क में हैं शिकारी, लोकेशन मिलते ही आ धमकते हैं

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
काले हिरण के शिकार मामले में अभिनेता सलमान खान को जोधपुर कोर्ट ने 5 साल की सजा सुनाई है। इसके बावजूद शिकारी बेखौफ हैं। नौरादेही अभयारण्य, दक्षिण वन मंडल व इससे लगे जंगलों में नीलगाय व काले हिरण जैसे संरक्षित वन्य जीवों को इनसे खतरा बना हुआ है। इसकी बड़ी वजह यह है कि बाहर से आने वाले शिकारी गांव के लोगों के संपर्क में रहकर वन्य प्राणियों की लोकेशन ले रहे हैं। इसी तरह से पूर्व में भी शिकार के कई मामले सामने आ चुके हैं। वन विभाग द्वारा संरक्षित वन्य प्राणियों की सुरक्षा के लिए कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए। ऐसे में शिकारियों का काम और आसान हो जाता है।

काले हिरण से जुड़ी है आस्था : कागजों में काले हिरण को टाइगर, बाघ की तरह संरक्षित माना गया है। इसे वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत अनुसूची में श्रेणी-1 तथा नीलगाय को कहीं अनुसूची 3 तो कहीं अनुसूची 5 में रखा गया है। काले हिरण को चंद्रमा की सवारी माना गया है। इसलिए यह लोगों की धार्मिक आस्था से जुड़ा प्राणी है।

नौरादेही में लगातार घट रहे काले हिरण
नौरादेही, दक्षिण वन मंडल के जंगलों में पहले बड़ी संख्या में काले हिरण हुआ करते थे, लेकिन लगातार इनकी संख्या घट रही है। वर्तमान में 8-10 काले हिरण ही बताए जा रहे हैं। शिकारी कई तरीके अपनाते हैं। बड़े और रसूखदार लोग सीधी बंदूक की गोली से सांभर, काले हिरण, चीतल, सुअर, नीलगाय का शिकार कर रहेे हैं,तो वहीं आसपास के लोग करंट फैलाकर इन्हें मार रहे हैं।

वन अमला दबा रहा शिकार के मामले
शिकारी जंगल में कई रास्तों से अंदर आ रहे हैं। वन विभाग के कर्मचारियों को भी यह सब पता है, लेकिन शिकार की घटनाएं ही दबा दी जाती हैं। अभयारण्य में स्थानीय शिकारियों के अलावा सागर, दमोह, जबलपुर व नरसिंहपुर से भी रसूखदार लोग लग्जरी वाहनों में शिकार खेलने आते रहते हैं। जानवर पर निशानेबाजी को लेकर उनमें प्रतिस्पर्धा भी होती है।

पूर्व रणजी खिलाड़ी समेत 4 पकड़े गए थे काले हिरण के शिकार मामले में
साल 2016 में दक्षिण वन मंडल के टीलाखेड़ी में काले हिरण का शिकार हुआ था। पूर्व रणजी खिलाड़ी मेहमूद खान, उनके होनहार क्रिकेटर पुत्र समेत 4 लोग काले हिरण के मांस व रायफल के साथ पकड़े गए थे। एक अन्य मामला 2017 का है। पथरिया के बकैनी में आसपास के गांव के बलराम, वीरेंद्र व अन्य लोगों ने काले हिरण को अपना शिकार बनाया था। ये मामले कोर्ट में चल रहे हैं।

भोपाल की होटलों में परोसा जा रहा है वन्य प्राणियों का मांस
दक्षिण वनमंडल की राहतगढ़ रेंज में पिछले साल हुए नीलगाय के शिकार मामले में सरपंच की मिलीभगत का खुलासा हुआ था। उनके संरक्षण में भोपाल से शिकारी राहतगढ़ के जंगलों में शिकार करने आ रहे थे। नीलगाय, चीतल व सांभर आदि वन्य जीवों मारकर भोपाल की बड़ी होटलों में उनका मांस परोसा जा रहा था। इस मामले में भोपाल निवासी बद्दूर हसन को गिरफ्तार किया गया था। मामले में वन अमले की भूमिका भी संदिग्ध रही। अभी भी शिकार हो रहे हैं। हाल ही में राहतगढ़ वन क्षेत्र से जंगल सुअर का मांस जब्त हुआ था।

वनक्षेत्र से बाहर रहने के कारण सुरक्षा संभव नहीं
Ãकाला हिरण ज्यादातर वन क्षेत्र से बाहर रहता है। इसे सामान्यत: ड्राई बेल्ट व खेतों में देखा जाता है। जिसे इन्हें सुरक्षा घेरे में लेना संभव नहीं रहता। जहां तक शिकारियों का सवाल है तो इसके लिए कानून बना है और हम ग्रामीणों के भी संपर्क में रहते हैं। - वीके वर्मा, सीसीएफ सागर

8-10 ही बचे हैं काले हिरण

Ãनौरादेही अभयारण्य में काले हिरण अब 8-10 ही बचे हैं। छेवला के अासपास ये देखे जाते हैं। ये दमोह के जंगलों में ज्यादा मिलते हैं। सभी तरह के वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। रमेश विश्वकर्मा, डीएफओ नौरादेही

खबरें और भी हैं...