आसाराम के साधकों के हमले में घायल पुजारी का पैर काटना पड़ा
पुजारी का आरोप, अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान भी धमका रहे आसाराम के साधक
भास्कर संवाददाता | सागर
सानौधा थानांतर्गत गांव गोराखुर्द में श्री देवजानकारी रमण मंदिर के पुजारी प्रेमनारायण उपाध्याय का दायां पैर काटना पड़ा है। जबलपुर स्थित एक अस्पताल में भर्ती उपाध्याय के पैर में सेप्टिक होने लगा था। जिसके चलते डॉक्टरों ने यह कदम उठाया।
बता दें कि प्रेमनारायण व देवेंद्र यादव पर आसाराम के 6-7 साधकों ने 25 मार्च के तड़के हमला किया था। इसमें प्रेमनारायण, गो शाला के कर्मचारी यादव को गंभीर चोटें आई थी। पुलिस ने इस मामले में अनिल भाई गुर्जर, सच्चिदानंद दुबे, नीलेश दुबे, बलराम प्रजापति, बिहारी कुर्मी, गौतम दुबे को मारपीट एवं बार-बार जानलेवा हमला करने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा था।इस घटनाक्रम के अन्य दो आरोपी दिनेश भाई और सुरेशभाई मौके से फरार हो गए थे।
मीडियाकर्मी बनकर
आए और केस वापस
लेने बना रहे दबाव
प्रेमनारायण का कहना है कि इतनी गंभीर शारीरिक क्षति पहुंचाने बावजूद आसाराम के साधक मुझ पर केस वापस लेने के लिए दबाव बना रहे हैं। कुछ दिन पहले तीन-चार लोग आए थे। उन्होंने मेरे रिश्तेदार-परिचितों के सामने खुद का परिचय मीडियाकर्मी के रूप में दिया। इसके बाद सभी लोगों को वार्ड से बाहर कर दिया। जब मैं अकेला रह गया तो मुझ पर इस मामले में राजीनामा करने के लिए दबाव बनाने लगे। मैंने मना किया तो बोले आप समझदार हैं, जरा से विवाद में आपका एक पैर कट गया। नहीं मानेंगे तो इससे ज्यादा खराब हालत हो सकती है। इसके बाद वे लोग चले गए। प्रेमनारायण का कहना है कि मुझे धमकाने वाले लोगों के सीसीटीवी फुटेज अस्पताल के कैमरे में कैद हैं, जिन्हें मैं मय सुबूत के पुलिस को सौंपने जा रहा हूं।