महाअभिषेक : सागर के चौथे बिशप डाॅ. जेम्स अत्तिकल्म ने संभाला पदभार
सागर डायोसिस के नए बिशप डा. जेम्स अत्तिकल्म ने संत तेरेसा कैथेड्रिल चर्च में मंगलवार सुबह 9.30 बजे महाभिषेक के बाद पदभार संभाला। सीरो मलबर कलीसिया के मेजर आर्च बिशप जार्ज कार्डिनल आलेंचरी, आर्च बिशप लियो भोपाल,जार्ज चंग्नाशेरी नागपुर सहित पांच आर्च बिशप, 30 बिशप, फादर्स और सिस्टर्स की उपस्थिति में डा. जेम्स अत्तिकल्म का धर्माध्यक्षीय अभिषेक हुआ। नए बिशप का सिद्धांत वाक्य है प्यार में साक्ष्य। अपने पहले उद्बोधन में डा. जेम्स ने सभी ईसाई विश्वासियों के विश्वास में दृढ़ता और चुनौतीपूर्ण समय में अपने नैतिक मूल्य पर बने रहने पर बल दिया है। उन्होंने कहा कि समाज का सही विकास तभी संभव है जब हर वर्ग या धर्म के लोग एकजुट होकर चले व मानविक मूल्यों से समझौता न करे। किसी भी धर्म से बढ़कर मानवता व मानवीयता है। प्रेम और क्षमा ख्रीस्तीय धर्म की सबसे बड़ी पहचान है। इससे हमें कभी नहीं हटना चाहिए। वहीं बिशप चाको द्वारा धर्म संदेश दिया गया। पूर्व बिशप एंथोनी ने कार्यभार सौंपा। कार्डिनल जार्ज द्वारा मुकुट एवं धर्म ध्वज सौंपी गई। समाज के प्रतिनिधी एरिक पीटर जेम्स ने नए बिशप को अभिनंदन पत्र सौंपा वहीं सनेन्द्र कनासिया प्रदेश उपाध्यक्ष राष्ट्रीय ईसाई महासंघ मध्यप्रदेश, सचिव सेंट पीटर चर्च की ओर से स्वागत किया गया। अंत में सेवानिवृत्त बिशप एंथोनी को विदाई दी गई।
महाभिषेक में सागर, गुना, विदिशा, अशोकनगर और रायसेन क्षेत्र के सागर डायसिस के कैथोलिक धर्मावलंबी भारी संख्या में शामिल हुए। बिशप डा. जेम्स सागर के चौथे धर्माध्यक्ष है। इनके नाम की घोषणा पिछले दिनों सीरो मलाबार चर्च प्रमुख कार्डिनल जाॅर्ज एलन्चेरी की अनुशंसा पर हुई है। बिशप डा.जेम्स का जन्म 12 जुलाई 1958 को पुल्लिकुन्नु चंगनाशेरी केरल में हुआ। डा. जेम्स एमएसटी धर्म संस्था में 1984 को पुरोहित बनकर उज्जैन धर्मप्रांत में आध्यात्मिक सेवाओं के साथ मेजर सेमनरी रूहालय के रेक्टर, जीवन ज्योति मिशनरी सेंटर मांड्या के डायरेक्टर, डायरेक्टर जनरल आॅफ एसएसटी सेंन्ट्रल रीजन सीरो मलाबार के संयोजक जैसे पदों पर रहे हैं ।