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ईसी के नए नियम से 20 लैब टेक्नीशियन का वेतन बढ़ाने की अनुशंसा, आधे से ज्यादा वंचित
लैब टेक्नीशियन दे रहे सेंट्रल यूनिवर्सिटी एक्ट 2009 का हवाला
विवि की आधी-अधूरी अनुशंसा का यह मामला जब लैब टेक्नीशियनों के सामने आया तो उन्होंने भारत सरकार के राजपत्र में प्रकाशित सेंट्रल यूनिवर्सिटी एक्ट 2009 के 4 डी का हवाला देते हुए कहा कि जब सागर विवि राज्य से सेंट्रल में जा रहा था तब इस एक्ट में स्पष्ट रुप से राज्य के नियम व शर्तों के आधार पर ही सभी कर्मचारियों को सेंट्रल में लेने की बात कही गई थी, सभी कर्मचारी लिए भी गए, लेकिन जब इन कर्मचारियों ने 2008 में राजपत्र में प्रकाशित संशोधित वेतनमान की रिपोर्ट पर ग्रेड पे 2800 से 4600 करने की मांग की तो कार्यपरिषद ने नए नियम का अडंगा लगा दिया। इधर वेतनमान की आस में कई लैब टेक्नीशियन रिटायर्ड हो गए और कई का निधन हो गया।
कुल 47 लैब टेक्नीशियन लेकिन 20 को ही मिलेगा लाभ
सागर विवि को केंद्र का दर्जा देते समय 47 लैब टेक्नीशियनों को सिलेक्शन कमेटी की अनुशंसा पर नियुक्त किया गया था। इन सभी को बढ़े हुए वेतनमान का लाभ मिलना था, लेकिन ईसी के नए नियम से यह लाभ अब केवल 20 टेक्नीशियनों को ही मिल सकेगा और 27 लैब टेक्नीशियन वंचित रह जाएंगे। संशोधित वेतनमान को लेकर हुई इस गड़बड़ी की शिकायत विवि से लेकर यूजीसी तक की जा चुकी है, लेकिन अब तक इन लैब टेक्नीशियनों न्याय नहीं मिल सका।