अक्षय तृतीया पर जेब भी रहे खाली
सागर | शहर में कैश की किल्लत को देखते हुए मंगलवार देर रात 300 करोड़ रुपए सागर की चेस्ट बैंकों में पहुंचे, नोटों का बड़ा हिस्सा एसबीआई की चेस्ट को दिया गया। इसके बाद सेंट्रल बैंक और पीएनबी को पैसा मिला, लेकिन इसके बाद भी स्थिति जस की तस रही। एसबीआई की एटीएम मशीनों में पैसे तो डाले गए, लेकिन दोपहर बाद तक अधिकांश एटीएम में फिर कैश खत्म हो गया। लोगों को लगातार चौथे दिन भी परेशानी उठानी पड़ी। सबसे ज्यादा परेशानी उन परिवारों को हुई, जिनके घर शादियां थीं। हैरानी की बात तो यह है कि 300 करोड़ रुपए में एक भी दो हजार रुपए का नोट नहीं है। अधिकांश नोट पांच सौ के हैं। यानि अगले कई दिनों तक एटीएम मशीनों से केवल पांच सौ के नोट ही निकलेंगे।
एटीएम से दोपहर तक ही निकला कैश, 2000 का एक भी नोट नहीं
सबसे ज्यादा परेशानी उन परिवारों को जिनके घर शादियां थीं, अधिकांश नाेट 500-500 के निकल रहे हैं
बैंकों में थे 200 के नोट, लेकिन मशीन में नहीं थी इसकी ट्रे : 200 का नोट शहर में आए चार माह से ज्यादा का समय हो चुका है, लेकिन अब तक बैंकों ने अधिकांश एटीएम में इस नोट की साइज की ट्रे नहीं लगाई है। जिसके चलते बड़े नोट न होने से कैश की किल्लत शुरू हुई और इस समय बैंकों के पास 200 के नोट होने के बाद भी लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
शहर में तीन चेस्ट बैंकों से होती है नोट की सप्लाई : शहर को नोटों की सप्लाई भोपाल स्थित आरबीआई की चेस्ट से की जाती है। आरबीआई से शहर में भेजे जाने वाले नोट इन्हीं बैंकों रखे जाते हैं, जहां से जिलेभर में नोटों की सप्लाई होती है। सागर की चेस्ट बैंक सागर के अलावा दमोह, पन्ना, टीकमगढ़, छतरपुर, कटनी और नरसिंहपुर तक नोट भेजती हैं। ऐसे में सागर में नोट न आने के कारण सभी सात जिले भी प्रभावित होते हैं।