40 हजार लेकर नहीं बनाए मकान, जिला पंचायत कराएगा एफआईआर
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत जिले की ग्राम पंचायतों में हितग्राहियों को मकान बनाने के लिए बांटी गई पहली किश्त के अभी भी 514 लोग ऐसे हैं, जिन्होंने किश्त लेने के बाद भी अपने मकान को तैयार नहीं किया गया है।
ऐसे लोगों के खिलाफ अब जिला पंचायत द्वारा सख्त कार्रवाई करने की तैयारियां कर ली गई है। बताया जा रहा है कि इन लोगों की जांच के बाद उन्हें अंतिम मौका दिया जाएगा। इसके बाद भी अगर वे मकान नहीं बनाते हैं, तो उन पर एफआईआर दर्ज करने की भी कार्रवाई की जाएगी। इन हितग्राहियों में शासन का करीब 2 करोड़ 5 लाख से अधिक राशि उलझी हुई है। गांवों में पीएम आवास तैयार करने के लिए ऐसे हितग्राहियों की खोजबीन शुरू कर दी गई है। जिन्होंने अभी तक किश्त लेने के बाद मकान तैयार नहीं किए हैं। जिले में बीते साल करीब 28454 से अधिक हितग्राहियों को मकान बनाने के लिए किश्त जारी की गई थी। जिसमें से अभी तक 27940 हितग्राही अपना काम कर पाए हैं। 4 महीने पहले तक किश्त लेकर काम नहीं करने वालों की संख्या करीब 2339 के करीब थी, जो घटकर अब 514 के करीब पहुंच चुकी है। किश्त लेकर मकान न तैयार करने वाले ऐसे हितग्राहियों से न केवल रिकवरी की जाएगी। बल्कि उनके खिलाफ सरकार राशि के दुरुपयोग करने को लेकर सख्त कार्रवाई भी की जाएगी।
पहली किश्त में 15 हजार हुए कम
पीएम आवास के लिए पहली किश्त लेकर भी मकान नहीं बनाने के मामले सामने आने के बाद अब नए वित्तीय वर्ष में पहली किश्त में 15 हजार रुपए कम कर दिए हैं। हितग्राही के लिए 40 हजार रुपए की जगह 25 हजार रुपए की राशि दी जाएगी। यह 15 हजार रुपए हितग्राहियों के उनके मकान की अंतिम किश्त के तौर पर मिलेंगे।
Ãकिश्त लेकर मकान न बनाने को इस बार अंतिम मौका दिया जाएगा। इसके बाद भी अगर वे जारी हुई किश्त से मकान नहीं लेते हैं, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। -प्रद्युम्न छिरोलिया, जिला प्रभारी, पीएम आवास जिला पंचायत