एसबीआई के एटीएम तो दूर काउंटर तक पर नहीं है कैश
एक एटीएम से दूसरे कैशलैस एटीएम तक भटक रहे लोगों से यह तो समझ आ रहा है कि शहर में लगभग 80 फीसदी एटीएम में पैसा नहीं है। पर हकीकत यह है कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के पास इस समय काउंटर तक पर हर ग्राहक को देने के लिए पर्याप्त राशि नहीं है। बैंक जाने पर भी हर ग्राहक को पैसा नहीं मिल पा रहा है। पैसे दिए भी जा रहे हैं तो उन्हें, जो बहुत कम की डिमांड कर रहे हैं।
सोमवार को बैंक गए राकेश चौबे, नमित बलैया आदि ने बताया कि उन्हें न तो एटीएम में पैसे मिले और न ही बैंक जाने पर। एसबीआई की शहर में 7 और जिले में 45 ब्रांच हैं। इसके अलावा शहर में 67 एटीएम हैं। इन सभी को मिला लें तो रोजाना 10 से 12 करोड़ रुपए का टर्न ओवर अकेले सागर में शहर में ही होता है।
इस बीच कलेक्टर आलोक कुमार सिंह ने आरबीआई के क्षेत्रीय मैनेजर संजीव कुमार से कलेक्टोरेट में चर्चा की। कलेक्टर ने सोमवार को आरबीआई के रीजनल डायरेक्टर से भोपाल बात की।
उन्होंने पत्र भी भेजा, अब उम्मीद की जा रही है कि दो दिन बाद कैश का संकट खत्म हो सकता है। एसबीआई के रीजनल मैनेजर ने भी यह बात मानी कि काउंटर तक पर पैसों के लिए उपभोक्ता परेशान हो रहे हैं।
रोज 10 से 12 करोड़ का है कैश फ्लो, कलेक्टर ने आरबीआई के डायरेक्टर को लिखा पत्र- जल्दी कैश भेजो
सागर. एसबीआई के अधिकांश एटीएम शटर लगाकर बंद कर दिए गए हैं।
भास्कर संवाददाता | सागर
एक एटीएम से दूसरे कैशलैस एटीएम तक भटक रहे लोगों से यह तो समझ आ रहा है कि शहर में लगभग 80 फीसदी एटीएम में पैसा नहीं है। पर हकीकत यह है कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के पास इस समय काउंटर तक पर हर ग्राहक को देने के लिए पर्याप्त राशि नहीं है। बैंक जाने पर भी हर ग्राहक को पैसा नहीं मिल पा रहा है। पैसे दिए भी जा रहे हैं तो उन्हें, जो बहुत कम की डिमांड कर रहे हैं।
सोमवार को बैंक गए राकेश चौबे, नमित बलैया आदि ने बताया कि उन्हें न तो एटीएम में पैसे मिले और न ही बैंक जाने पर। एसबीआई की शहर में 7 और जिले में 45 ब्रांच हैं। इसके अलावा शहर में 67 एटीएम हैं। इन सभी को मिला लें तो रोजाना 10 से 12 करोड़ रुपए का टर्न ओवर अकेले सागर में शहर में ही होता है।
इस बीच कलेक्टर आलोक कुमार सिंह ने आरबीआई के क्षेत्रीय मैनेजर संजीव कुमार से कलेक्टोरेट में चर्चा की। कलेक्टर ने सोमवार को आरबीआई के रीजनल डायरेक्टर से भोपाल बात की।
उन्होंने पत्र भी भेजा, अब उम्मीद की जा रही है कि दो दिन बाद कैश का संकट खत्म हो सकता है। एसबीआई के रीजनल मैनेजर ने भी यह बात मानी कि काउंटर तक पर पैसों के लिए उपभोक्ता परेशान हो रहे हैं।
सेंट्रल और पंजाब बैंक के पास पर्याप्त पैसा
एसबीआई के शहर में स्थित 67 एटीएम में से करीब 50 एटीएम केशलैस हैं। कलेक्टर के मुताबिक सेंट्रल बैंक और पीएनबी की चेस्ट बैंक में पर्याप्त पैसा है। कलेक्टर ने एसबीआई के अधिकारियों से कहा है कि वे आरबीआई से परमिशन लेकर सेंट्रल और पीएनबी कहीं से भी पैसे ले लें।