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अब लगेंगी एलपीजी पंचायतें; लोगों को दिए जाएंगे गैस कनेक्शन, गांव बनेंगे स्मोक फ्री

3 वर्ष पहले
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जिले के आठ गांवों को धुआं रहित करने के लिए चल रहे कार्यों के बीच अब प्रशासन एक और नवाचार करने जा रहा है। इसके तहत सभी 11 विकासखंड मुख्यालयों में एलपीजी पंचायतें लगाई जाएंगी। आसपास की पांच ग्राम पंचायतों के लोगों को एक जगह एकत्र कर लगने वाली इस एलपीजी पंचायत में लोगों को मौके पर ही उज्ज्वला योजना के तहत रसोई गैस सिलेंडर-चूल्हा आदि दिए जाएंगे। साथ ही धुआं से होने वाले नुकसान, प्राकृतिक ईधन की तेजी से होती खपत से पर्यावरण को हो रहे नुकसान, रसोई गैस का प्रयोग करने से लोगों विशेषकर महिलाओं के दैनिक जीवन में आए सुखद बदलाव के किस्सों को भी यहां बताया जाएगा। यह एलपीजी पंचायतें जून माह के आखिर में जिले में शुरू हो जाएंगी। खाद्य अधिकारी राजेंद्र सिंह ने बताया कि हम जिले भर के विकासखंडों से डाटा इकट्ठा कर रहे हैं, इसके बाद पूरी कार्ययोजना तैयार होते ही यह पंचायतें शुरू कर दी जाएंगी। शुरुआत में सिर्फ उन्हें ही उज्ज्वल योजना के तहत रसोई गैस के कनेक्शन मिल रहे थे, जिनके नाम एसईसीसी डाटा में फीड थे। राज्य शासन ने इनमें बदलाव करते हुए एक श्रेणी को बढ़ाकर पात्रता की पांच श्रेणियां कर दी हैं। हालांकि सभी में बीपीएल कार्डधारी होने की अनिवार्यता जोड़ी गई है।

अब यह भी होंगे रसोई गैस

कनेक्शन लेने के लिए पात्र

अंत्योदय राशन की पात्रता वाले परिवार, यानी पीला राशन कार्डधारी परिवार। प्रधानमंत्री आवास योजना के ऐसे हितग्राही जो बीपीएल की श्रेणी में हैं। अजा-अजजा वर्ग के ऐसे परिवार जो बीपीएल की श्रेणी के हैं। वनाधिकार पट्टाधारी परिवार जो बीपीएल कार्डधारी हैं। ऐसे परिवार जिनके नाम आर्थिक सांख्यिकी सर्वे-2011 यानी एसई सीसी डाटा में फीड हैं।

अंत्योदय समिति की सिफारिश, सभी ब्लॉक के एक-एक गांव में चलाएं क्रमबद्ध अभियान

जिला अंत्योदय समिति के उपाध्यक्ष डॉ. सुखदेव मिश्रा ने बताया कि हाल ही में हुई समिति की बैठक में यह सिफारिश की गई थी कि जिस प्रकार आठ गांवों को धुआं रहित बनाने की योजना पर काम चल रहा है। वैसा ही जिले के सभी विकासखंडों में एक-एक गांव में और क्रमबद्ध चलाया जाए। जैसे ही यह गांव धुआं रहित हो जाएं, अगले गांव चुन लिए जाएं। खाद्य अधिकारी ने बताया कि हम यह भी करने जा रहे हैं। जैसे ही आगामी दिनों में एलपीजी पंचायतें लगना शुरू होंगी। मौके पर ही हम एक-एक गांव का भी चयन करते जाएंगे। इस काम में गैस कंपनी, खाद्य विभाग एवं पंचायत विभाग के स्थानीय अमले को साथ लेकर काम किया जाएगा।

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