पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • 1 साल बीता आरोपी टीआई के खिलाफ अब तक अभियोजन की स्वीकृति भी नहीं ले सके

1 साल बीता आरोपी टीआई के खिलाफ अब तक अभियोजन की स्वीकृति भी नहीं ले सके

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
दिलीप यादव हत्याकांड में एक तरफ प्रथमदृष्टया हत्या के आरोपी बनाए गए चारों आरोपियों के खिलाफ विधिवत सुनवाई शुरू नहीं हुई है, वहीं पुलिस अब तक अन्य आरोपी कमलसिंह सेंगर और राजेश यादव के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति नहीं ले पाई है। जानकारों का कहना है कि बहुत मुमकिन है कि आगे कुछ और महीनों तक और यह स्वीकृति नहीं मिले। इसके पीछे कारण ये है कि थानेदार सेंगर और सिपाही यादव ने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। जब तक इस मामले में निर्णय नहीं हो जाता, तब तक शासन इस मामले में कोई निर्णय नहीं लेगा। इधर एसपी सत्येंद्रकुमार शुक्ल का कहना है कि शासन को लगातार रिमाइंडर भेजे जा रहे हैं, अभियोजन स्वीकृति उनके अधिकार क्षेत्र में हैं।जैसे ही कोई आदेश आएगा, आगे की कार्रवाई की जाएगी।

बांदरी में लंबे समय तक पदस्थ रहा है आरोपी टीआई आरोपी सिपाही का मामला भी ठंडे बस्ते में

भास्कर संवाददाता | सागर

बांदरी के बहुचर्चित दिलीप यादव हत्याकांड में मुख्य रूप से अभियुक्त बनाए गए आरोपी नितिन गुप्ता, मनीष जड़िया, गणेशसिंह और सोनू को सह-आरोपी निलंबित थानेदार कमलसिंह सेंगर से डर लग रहा है। इन सभी ने अपने वकील के माध्यम से खुरई एडीजे कोर्ट में एक आवेदन दिया है।

उनका कहना है कि थानेदार सेंगर इस क्षेत्र में लंबे समय तक पदस्थ रहने से उसका इस क्षेत्र में काफी दबदबा है। मुमकिन है कि वह इस केस जुड़े गवाह या अन्य साक्ष्यों को प्रभावित करे। इधर जिले की पुलिस इस हत्याकांड में अब तक आरोपी थानेदार कमलसिंह सेंगर और सिपाही राजेश यादव के खिलाफ अब तक अभियोजन स्वीकृति नहीं ले पाई है। जबकि घटनाक्रम को करीब एक साल होने को है।

जिला न्यायालय ने केस की फाइल मंगवाई, डीजे लेंगे निर्णय : खुरई एडीजे कोर्ट ने इस मामले में निर्णय लेने के लिए चालान समेत सभी दस्तावेज जिला न्यायालय भेज दिए हैं। जहां जिला एवं सत्र न्यायाधीश अब यह निर्णय लेंगे कि इस केस को खुरई के एडीजे कोर्ट में ही चलाया जाए या जिला न्यायालय के किसी सक्षम कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया जाए।

यहां बता दें कि इस मामले में बांदरी पुलिस ने दिसंबर 2017 में चालान पेश किया था। इसके बाद जैसे ही इस मामले में चार्जशीट पर बहस होने की तारीख आई तो आरोपी पक्ष ने केस ट्रांसफर का आवेदन लगा दिया।

खबरें और भी हैं...