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पंप पर 20 लाख रु. खर्च, पर नालों का पानी मिलने से सूख नहीं पा रही झील; नतीजा शून्य

3 वर्ष पहले
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कई सालों बाद शहर की लाखा बंजारा झील की सफाई काम शुरू हुआ भी तो आधी-अधूरी प्लानिंग के साथ। अब यह काम निगम को गले की फांस बनता जा रहा है। मानसून सिर पर है और झील को सुखाने की तैयारी चल रही है। राजघाट बांध का पानी लिफ्ट करने के लिए लाए गए हैवी मड पंपों का इस्तेमाल किया जा रहा है। लाखों खर्च कर लगाए गए इन पंपों से जितना पानी रोज निकाला जाता है, उससे आधा पानी 9 बड़े नालों से झील में पहुंच जाता है। शनिचरी व शुक्रवारी से राजघाट फीडर लाइन का पानी बहकर आ रहा है। जिससे झील सूख ही नहीं पा रही। हाल ही महापौर अभय दरे कीचड़ को सूखा समझ उसमें उतरने की भूल कर बैठे।

30 मई को खुलेगा टेंडर, जून लगते ही प्री-मानसून हलचल : निगम ने झील से सिल्ट हटाने के लिए 2.69 करोड़ के कामों के टेंडर बुलाए हैं। 30 मई तक जेसीबी, पाेकलेन, डंपर आदि वाहन व मशीनरी के रेट फाइनल होंगे। इसके बाद दो तीन बाद काम शुरू होगा। पिछले सालों में की तरह जून की शुरुआत में ही प्री-मानसून गतिविधियां इस बार भी शुरू हो सकती है। एक ही बारिश में सारे वाहन झील में फंस सकते हैं।

ट्रांसफार्मर का बार-बार उड़ रहा फ्यूज

मड पंप के लिए मोगा बंधान के पास 20 लाख रुपए खर्च कर लगाए गए ट्रांसफर का बार-बार फ्यूज उड़ रहा है। जिससे घंटों तक पंप काम नहीं कर रहे। सोमवार को भी फ्यूज उड़ गया था। ट्रांसफार्मर दोनों पंप का लोड नहीं उठा पा रहा। इससे आसपास के इलाके में वोल्टेज घट-बढ़ रहा है।

नालों को डायवर्ट करना जरूरी: आश्चर्य है प्लानिंग में इसका कहीं कोई जिक्र नहीं

कल प्रभारी मंत्री करेंगे झील शुद्धिकरण व

राजघाट बांध मेंटेनेंस का भूमिपूजन

प्रभारी मंत्री उमाशंकर गुप्ता 23 अप्रैल को शहर की झील का शुध्दिकरण, राजघाट बांध मरम्मत कार्य और संत रविदास वार्ड में सीसीरोड निर्माण कार्य का भूमिपूजन करेंगे। गुप्ता सुबह 8.30 बजे संजय ड्राइव पर झील के श्रमदान में शामिल होंगे। इस संबंध में महापौर अभय दरे व निगम कमिश्नर अनुराग वर्मा ने तैयारियों के संबंध में अधिकारियों की बैठक ली। निगम कमिश्नर ने बकौली तिराहा स्थित कदंब घाट, संजय ड्राइव, गंगा मंदिर एवं मोंगा बंधान का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने तालाब के घाटों की सफाई, मोगा बंधान पर पंपों तक पानी लाने के लिए तालाब में नाली बनाने के निर्देश दिए।

कांग्रेस का आरोप : नगर निगम की निगाह झील के नाम मिलने वाले पैसों पर

झील के मुद्दे पर पहली बार कांग्रेस

मैदान में, निगम के सामने दिया धरना

सागर | लाखा बंजारा झील के उद्धार में नगर निगम उदासीनता बरत रहा है। भाजपानीत ननि की निगाह केवल झील के नाम पर मिलने पर पैसे पर लगी हुई है। इन लोगों की झील को साफ कराने की कोई मंशा नहीं है। यह आरोप जिला कांग्रेस कमेटी ने नगर निगम के सामने दिए एकदिनी धरने में लगाए। इधर कांग्रेसियों के इन आरोप-प्रत्यारोपों को महापौर अभय दरे अपने कक्ष में बैठे बड़़े गौर से सुनते रहे। आखिर में कांग्रेसियों ने नगर निगम प्रशासन को झील की सफाई में पारदर्शिता और तेजी बरतने की मांग संबंधी ज्ञापन सौंपा। धरना में जिलाध्यक्ष हीरासिंह राजपूत, शहर कांग्रेस अध्यक्ष रेखा चौधरी, अमित दुबे रामजी, नरेश जैन चक्रेश सिंघई,महेश जाटव, जगदीश यादव, मुन्ना चौबे,आदि मौजूद रहे।

कांग्रेसी जब झील के मुद्दे पर निगम के खिलाफ नारे लगा रहे थे तब महापौर अपने कक्ष में मौजूद थे।

बारिश हुई तो खर्च नहीं करेंगे शासन की राशि

Ãमहापौर अभय दरे का कहना है कि अभी शासन से राशि निगम के खाते में आई नहीं है। टेंडर लगाना जरूरी था, लेकिन हमने तय किया है कि यदि बारिश हुई आैर काम करने का समय नहीं मिला तो हम शासन की राशि का उपयोग नहीं करेंगे। अभी केवल जनभागीदारी से श्रमदान कर रहे हैं। जो लोग अपनी स्वैच्छा से जेसीबी, पोकलेन व डंपर लगाएंगे उन्हें निगम केवल डीजल उपलब्ध कराएगा।

श्रमदान के लिए निगम में विभिन्न संगठनों की बैठक आज

सागर की ऐतिहासिक धरोहर लाखा बंजारा झील की सफाई, श्रमदान व सुझाव हेतु मंगलवार को सुबह 11.30 बजे निगम सभाकक्ष में बैठक होगी। इसमें सांसद लक्ष्मीनारायण यादव, विधायक शैलेंद्र जैन, महापौर अभय दरे, निगमाध्यक्ष राजबहादुर सिंह, कलेक्टर आलोक कुमार सिंह, निगम कमिश्नर अनुराग वर्मा के अलावा शहर के सामाजिक संगठन अपने सुझाव देंगे।

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