डैशबोर्ड से ऑनलाइन होगी मॉनीटरिंग; नाम जोड़ने-घटाने, सुधारने का काम भी
मतदाता सूची में किसी भी कीमत पर गलतियां नहीं होना चाहिए। सभी अधिकारी आयोग के दिशा-निर्देशों का बारीकी से अध्ययन कर लें और उनके तहत ही काम करें। यह बात मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग की सचिव सुनीता त्रिपाठी ने मंगलवार को संभाग के सभी उप जिला निर्वाचन अधिकारियों, ईआरओ, एईआरओ एवं अन्य अधिकारियों की बैठक में कही।
उन्होंने बताया कि ऑनलाइन मॉनीटरिंग के लिए एक नया डैशबोर्ड तैयार किया है। इसके तहत सभी ईआरओ एवं एईआरओ को ऑनलाइन रिपोर्टिंग करनी होगी। इसी के जरिए सभी ईआरओ एवं एईआरओ अब एक साथ कई आवेदनों अर्थात मतदाता सूची में नाम जोड़ने, संशोधित करने, नाम हटाने, पता परिवर्तन आदि का एक साथ निराकरण कर सकेंगे। कमिश्नर मनोहरलाल दुबे ने कहा कि सभी निर्वाचन अधिकारी अपने डिजिटल सिग्नेचर का उपयोग खुद ही करें। किसी और को यह बिल्कुल भी न करने दें। मतदाता सूची में पुरानी गलतियों को न दोहराएं। राज्य निर्वाचन आयोग की वेबसाइट का रोज अवलोकन करते रहें। आयोग के उप सचिव दीपक सक्सेना ने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग ने बताया कि अब सभी ईआरओ एवं एईआरओ को समान अधिकार दे दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि 23 मई से आयोग के प्रेक्षक जिलों के प्रवास पर रहेंगे। वे अब तक हुए सभी कामों की समीक्षा करेंगे। उन्होंने संभाग के सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जल्द से जल्द जिला स्तरीय स्टैंडिंग कमेटी की बैठक करें और इसमें सभी राजनैतिक दलों के जिलाध्यक्षों व अन्य पदाधिकारियों को आवश्यक रूप से बुलाएं।
मतदाता सूची में पुरानी गलतियां न दोहराएं: कमिश्नर
कलेक्टर आलोक कुमार सिंह ने जिले में राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के मुताबिक अब तक की गई कार्यवाही की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिलें में मतदान केन्द्रों की संख्या कम करने के लिए कार्यवाही की जा रही है। बैठक के अंत में आयोग की टीम ने निर्वाचन अधिकारियों की शंकाओं और भ्रांतियों का समाधान भी किया। बैठक में अवर सचिव प्रदीप शुक्ला एवं श्रृंगार श्रीवास्तव, सीईओ जिपं चंद्रशेखर शुक्ला, उप जिला निर्वाचन अधिकारी प्रभा श्रीवास्तव आदि मौजूद थीं।
भास्कर संवाददाता | सागर
मतदाता सूची में किसी भी कीमत पर गलतियां नहीं होना चाहिए। सभी अधिकारी आयोग के दिशा-निर्देशों का बारीकी से अध्ययन कर लें और उनके तहत ही काम करें। यह बात मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग की सचिव सुनीता त्रिपाठी ने मंगलवार को संभाग के सभी उप जिला निर्वाचन अधिकारियों, ईआरओ, एईआरओ एवं अन्य अधिकारियों की बैठक में कही।
उन्होंने बताया कि ऑनलाइन मॉनीटरिंग के लिए एक नया डैशबोर्ड तैयार किया है। इसके तहत सभी ईआरओ एवं एईआरओ को ऑनलाइन रिपोर्टिंग करनी होगी। इसी के जरिए सभी ईआरओ एवं एईआरओ अब एक साथ कई आवेदनों अर्थात मतदाता सूची में नाम जोड़ने, संशोधित करने, नाम हटाने, पता परिवर्तन आदि का एक साथ निराकरण कर सकेंगे। कमिश्नर मनोहरलाल दुबे ने कहा कि सभी निर्वाचन अधिकारी अपने डिजिटल सिग्नेचर का उपयोग खुद ही करें। किसी और को यह बिल्कुल भी न करने दें। मतदाता सूची में पुरानी गलतियों को न दोहराएं। राज्य निर्वाचन आयोग की वेबसाइट का रोज अवलोकन करते रहें। आयोग के उप सचिव दीपक सक्सेना ने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग ने बताया कि अब सभी ईआरओ एवं एईआरओ को समान अधिकार दे दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि 23 मई से आयोग के प्रेक्षक जिलों के प्रवास पर रहेंगे। वे अब तक हुए सभी कामों की समीक्षा करेंगे। उन्होंने संभाग के सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जल्द से जल्द जिला स्तरीय स्टैंडिंग कमेटी की बैठक करें और इसमें सभी राजनैतिक दलों के जिलाध्यक्षों व अन्य पदाधिकारियों को आवश्यक रूप से बुलाएं।