नई दिल्ली|फेडरेशन के माल सस्ते बिकने और शादियों की चालानी
नई दिल्ली|फेडरेशन के माल सस्ते बिकने और शादियों की चालानी मांग ठंडी पड़ जाने से दूध पाउडर 5 से 10 रुपए प्रति किलो टूट गया। देशी घी में भी बाजार टिके रहे, व्यापार काफी कमजोर रहा। कुछ रिसेलर 25 से 50 रुपए टीन घटाकर बेचने के इच्छुक थे। आगे खपत का समय न होने से उक्त दोनों उत्पादों में मंदा लगता है।गुजरात, तमिलनाड़ु, कर्नाटक आदि सभी फेडरेशन का दूध पाउडर काफी सस्ता बिक रहा है, जिससे प्रतिस्पर्धा कर पाना प्राइवेट सेक्टर के कंपनियों के बस की बात नहीं है। इसका कारण यह है कि फेडरेशन को सब्सिडी मिलती है, जबकि प्राइवेट सेक्टर की कंपनियों को घाटा स्वयं वहन करना पड़ता है। यही कारण है कि हिम्मतनगर का सागर 163 रुपए और पालमपुर का 177 रुपए छोटे पैकिंग में बोलने लगे हैं। यही कारण है कि उत्तर भारत की लीडर कंपनियों के माल बिकने कम हो गए हैं, जिससे 5 से 10 रुपए घटकर दूध पाउडर के भाव 170 से 200 रु. प्रति किलो रह गए। देशी घी में मिलावटियों की मार पड़ने से व्यापार चौपट हो गया है। एक तरफ जीएसटी 12 प्रतिशत होने से चालानी व्यापार केवल 20 प्रतिशत रह गया है। वहीं मिलावटियों मंदे भाव बेचकर खुदरा विक्रेताओं को भारी मुनाफा कमा रहे हैं तथा आम उपभोक्ताओं की जेब कट रही है।
मूंग की आवक
चना और चना दाल में मांग का अभाव बना हुआ है। मप्र में चने में मांग के साथ भाव ऊंचे होने से आसपास के राज्यों का चना मप्र में आने लगा है। यह चना समर्थन भावों पर सरकारी सेंटरों पर जा रहा है। वर्तमान स्थिति को देखते हुए आगामी महीनों में चने का भविष्य और अधिक खराब लग रहा है, क्योंकि डंक लगने के बाद बाजार की जो स्थिति बनेगी, उसकी कल्पना करना आसान नहीं है। सरकारी एजेंसियां इतनी बड़ी मात्रा में चने को संभाल सकेगी? अमावस्या की वजह से मंडी में अवकाश रहा। चना 3700 से 3725 नई गगन तुअर दाल 6550 नई लक्ष्मी दाल 6400 लाल किला गोल्ड बासमती 10500 तुअर 4300 से 4325 रुपए मूंग की आवक 500 से 700 कट्टे की रही। गर्मी का बारीक मूंग 5200 से 5300 रुपए बिका।