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बैंक में नौकरी दिलाने के नाम पर रिटायर्ड कैशियर व भृत्य ने हड़पे 5 लाख रुपए

3 वर्ष पहले
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राहतगढ़ के एक युवक ने सिंडिकेट बैंक की जरुवाखेड़ा शाखा के चपरासी और रिटायर कैशियर पर नौकरी के नाम पर 5 लाख रुपए की ठगी करने का आरोप लगाया है। पुलिस से की गई शिकायत के अनुसार पीड़ित डेलन सिंह कुर्मी निवासी गांव पाटन थाना राहतगढ़ का कहना है कि करीब दो साल पहले जुलाई 2016 में सिंडिकेट बैंक के चपरासी कालिका प्रसाद शर्मा ने मुझे बताया कि हमारे बैंक में भृत्य के बहुत से पद निकले हैं। मेरी अधिकारियों से अच्छी पहचान है, अगर तुम मुझे 5 लाख रुपए दो तो मैं तुम्हारी नौकरी लगवा सकता हूं। कालिका के नौकरी लगवाने के दावे में शंकरलाल अहिरवार तत्कालीन कैशियर इलाहाबाद बैंक सागर ने भी साथ दिया। इन लोगों की बातों में आकर मैंने अपने व प|ी के खाते से इन लोगों को अलग-अलग तारीखों में चेक के जरिए 5 लाख रुपए दे दिए। कुछ समय बाद मैंने जब नौकरी के संबंध में पूछताछ की तो इन लोगों ने टालमटोल शुरू कर दी।

जैसे-तैसे एक चेक लौटाया तो वह भी बाउंस हो गया

डेलन का कहना है कि मैंने यह रकम अपनी प|ी के जेवर समेत अन्य व्यवस्थाअों के जरिए जुटाई थी। नौकरी नहीं लगने और रिश्वत के रूप में दी गई रकम वापस नहीं मिलने से परिवार की आर्थिक स्थित बिगड़ गई। मैंने इन कालिका प्रसाद और शंकरलाल के बैंक और घरों में जाकर रकम मांगी। एक साल पहले मार्च 2017 में कालिका प्रसाद ने मुझसे कहा कि मैं तुम्हारी रकम वापस कर रहा हूं और 5 लाख रुपए का एक चेक दे दिया। मैंने यह चेक अपने खाते में जमा किया तो बाउंस हो गया। डेलन का कहना है कि मेरे पास दोनों बैंक कर्मियों द्वारा किए गए लेन-देन के दस्तावेजी सुबूत हैं, इसके बाद भी बैंक प्रबंधन उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहा। मामले में एडिशनल एसपी विक्रमसिंह कुशवाह का कहना है कि अावेदन राहतगढ़ थाने में जांच के लिए भेजा गया है। अगर आरोप सही हैं तो संबंधितों के खिलाफ ठगी की कार्रवाई की जाएगी।

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