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संयुक्त परिवार में शादी की इच्छा, लेकिन ससुराल दहेज विरोधी हाेना चाहिए

3 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता | सागर

दहेज को कुरीति मानकर सभी समाज अपने अपने स्तर पर पर उसका विरोध कर रहे हैं। इसी कड़ी में रविवार को रवींद्र भवन में आयोजित कुशवाहा समाज के युवक-युवती परिचय सम्मेलन में ऐसा ही नजारा देखने को मिला।

यहां विवाह योग्य युवतियों ने कहा कि वे संयुक्त परिवार में शादी करना चाहती हैं। लेकिन ससुराल दहेज विरोधी मानसिकता वाली होनी चाहिए। शादी के बाद सास-ससुर ही उनके माता-पिता होंगे। ऐसे में वे हमें अपनी बेटी समझना चाहिए। अभिभावकों का कहना था कि रिश्ता निभाने के लिए पैसों की नहीं गुणों की जरूरत होती है। सिविल जज परीक्षा में चयनित युवक के साथ ही इंजीनियर, बीएएमएस डाक्टर, नर्सिंग ट्रेनिंग कर चुके युवक युवतियों ने विंदास हो कर मंत्र से अपनी बात साझा की।

रविन्द्र भवन के मंच पर रविवार को कुशवाह समाज के परिचय सम्मेलन में अतिथियों का स्वागत किया गया। सम्मेलन में करीब 300 युवक-युवतियों ने परिचय दिया। लड़कियों ने पढ़े-लिखे एवं भावनाओं को समझने वाले जीवन साथी की चाह रखी। वहीं लड़कों ने कहा कि ऐसी लड़की चाहिए जो उससे ज्यादा उसके परिवार की परवाह करती हो। नौकरी करना भी चाहे तो कई परेशानी नहीं हैं। मौके पर 10 वीं, 12 वीं पास मेधावी विद्यार्थी एवं प्रतिभाओं काे सम्मान किया गया। सम्मेलन नव युवक कुशवाहा विकास प्रगति मंच द्वारा अायोजित किया गया। अतिथियों ने कहा युवाओं का शिक्षित होना सबसे ज्यादा जरूरी है। क्योंकि युवा जितने योग्य होंगे वह समाज राजनीति, धर्म, व्यापार में उतना ही आगे बढ़ेगा। कार्यकम में मुख्य अतिथी पिछड़ा वर्ग मोर्चा के अध्यक्ष भगत सिंह कुशवाहा, भाजपा जिला अध्यक्ष प्रभुदयाल पटेल, महिला महासभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष राधा कुशवाहा, अध्यक्ष देवेंद्र सिंह कुशवाहा, नारायण सिंह डालचंद, गोविंद पटेल, अनिल पटेल, मनीष पटेल, शिवदयाल पटेल, हेमराज पटेल सहित बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल थीं।

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