पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

चौथा रोजा ; मांगी अमन की दुआ

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
रविवार को मुस्लिम समाज के लोगों ने चौथा रोजा रखा। नमाजियों ने खुदा से सभी के अमन और बरकत की दुआ मांगी। शाम को नमाज के लिए मस्जिदों पर पहुंचे लोगों ने सामूहिक रूप से इफ्तार कर रोजा खोला। शहर मुफ्ती तारिक अनवर ने बताया कि रविवार तड़के 3.54 बजे सेहरी के साथ रोजा शुरू हुआ। इसके बाद सुबह फजर की नमाज पढ़ी गई। शाम को असर की नमाज पढ़ी गई। देर शाम मस्जिदों में सामूहिक रूप से इफ्तार कर पिंड खजूर खाकर रोजा खोला गया। रात को तराबी की विशेष नमाज पढ़ी गई।

इफ्तार 21 मई

शाम 6.56 बजे

रोजे का वक्त

सेहरी 22 मई

सुबह 3.54 बजे

अकीदत के पल

पवित्र रमजान-उल-मुबारक के तीस रोजे में बंदे को अपने जिस्म समेत दिल-ओ-दिमाग को भी पाक रखना चाहिए। ताकि किसी तरह के बुरे ख्याल नहीं आए। मन भी नहीं भटके नहीं। विचारों में भी पाकीजगी बनी रहे। इस दौरान न तो कुछ बुरा देखें, न बुरा सुनें और न ही बुरा बोलें। रोजा की सीख और नसीहत बहुत-सी बुराइयों और अवज्ञाओं से बंदे को बचाती हैं। पैगम्बर हजरत मोहम्मद साहब ने फरमाया कि रमजान माह में रहमत और जन्नत के दरवाजे खोल दिए जाते हैं। जहन्नुम के दरवाजे बंद कर दिए जाते हैं। जन्नत के आठ दरवाजे हैं जिसमें एक दरवाजा रय्यान है, उस दरवाजे से सिर्फ रोजेदार ही दाखिल होंगे। - मुफ्ती अबरार अहमद

खबरें और भी हैं...