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- रिश्तों में विश्वासघात: ननद बोली भाभी ने हड़प लिए जेवर, दूसरे मामले में विधवा बहू ने कहा सास ने मकान प्रॉपर्टी से कर दिया है बेदखल
रिश्तों में विश्वासघात: ननद बोली-भाभी ने हड़प लिए जेवर, दूसरे मामले में विधवा बहू ने कहा- सास ने मकान-प्रॉपर्टी से कर दिया है बेदखल
मकरोनिया निवासी एक महिला ने अपनी भाभी और भाई पर लाखों रुपए के जेवर हड़पने का आरोप लगाया है।एसपी ऑफिस में शिकायत करने आई इस महिला का नाम रेखा भार्गव (42) पति राममूर्ति भार्गव निवासी श्रीकृष्णानगर मकरोनिया है।
रेखा के मुताबिक मेरे ससुराल पक्ष में एक एक्सीेडेंट हो गया। जिसके चलते मुझे अचानक रुपयों की जरूरत पड़ी। 12 अप्रैल 2018 को मैं अपने पुश्तैनी जेवरात लेकर बाइसा मुहाल में रहने वाली आरती चौबे पति मुकेश चौबे के घर पहुंच गई। इसके बाद हम दोनों इन जेवरों के आधार पर लोन लेने के लिए मुथूट फाइनेंस के राधा तिराहा स्थित ब्रांच पहुंच गए। लेकिन मेरे पास मेरा आधार कार्ड नहीं होने के कारण बैंक ने मेरे नाम पर लोन देने से मना कर दिया। तभी मेरी भाभी आरती ने कहा कि बैंक मेरे नाम पर लोन दे दे, मुझे कोई आपत्ति नहीं है। मैं राजी हो गई और कंपनी ने आरती के नाम पर मुझे 1.41 लाख रुपए का लोन दे दिया। इधर अगले ही कुछ दिनों में आरती की नीयत में खोट आ गया। मैंने उससे कहा कि लोन का यह खाता मेरे नाम पर ट्रांसफर कर दो तो उसने मना कर दिया। उलटा मेरे साथ गाली-गलौज की। रेखा का कहना है कि बैंक में रखे सारे जेवरों की रसीद मेरे पास है, मौके पर मौजूद फाइनेंस कंपनी का स्टाफ भी जेेवर मेेरे होने का गवाह है लेकिन आरती मुझे जेवर वापस नहीं कर रही है।
पति की मौत के बाद सास और ननद ने हथिया लिया मकान
एक अन्य मामला कैंट थाना क्षेत्र के लालकुर्ती इलाके से आया है। यहां रहने वाली किरण गुप्ता का कहना है कि मेरे पति संतोष गुप्ता का दो साल पहले बीमारी के चलते निधन हो गया था। नियमानुसार उनके मकान व गृहस्थी पर मेरा हक होना चाहिए था। लेकिन मेरी सास विमला गुप्ता और ननद वंदना गुप्ता निवासी रीवा और आराधना गुप्ता निवासी शहडोल ने मुझे घर से निकाल दिया। इन लोगों ने मेरी पति की बाइक बेचने के अलावा गृहस्थी का सामान बेचना शुरू कर दिया है। जिस मकान में मैं अपने पति के साथ रहती थी, वह पति के नाम पर था लेकिन सास विमला गुप्ता ने मुझसे वहां से निकाल दिया। मैंने पुलिस से शिकायत की तो मुझे बमुश्किल एक ही दिन वहां रहने दिया। इसके बाद मुझे व मेरे बच्चों को जान से मारने की धमकी देकर निकाल दिया। किरण का एक अन्य आरोप यह भी है कि मेरे पति ने कुछ साल पहले मेरी एक अन्य ननद की मदद से दिल्ली में एक मकान खरीदा था। जिसे मेरी सास व अन्य ने मिलकर बेच दिया अौर उससे मिली रकम 21 लाख रुपए आपस में बांट लिए। इस मामले में पुलिस का कहना है कि महिला के आवेदन पर एक दफा उसे घर में रहने जगह दिलाई गई थी। अगर दोबारा शिकायत आई है तो संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
भास्कर संवाददाता | सागर
मकरोनिया निवासी एक महिला ने अपनी भाभी और भाई पर लाखों रुपए के जेवर हड़पने का आरोप लगाया है।एसपी ऑफिस में शिकायत करने आई इस महिला का नाम रेखा भार्गव (42) पति राममूर्ति भार्गव निवासी श्रीकृष्णानगर मकरोनिया है।
रेखा के मुताबिक मेरे ससुराल पक्ष में एक एक्सीेडेंट हो गया। जिसके चलते मुझे अचानक रुपयों की जरूरत पड़ी। 12 अप्रैल 2018 को मैं अपने पुश्तैनी जेवरात लेकर बाइसा मुहाल में रहने वाली आरती चौबे पति मुकेश चौबे के घर पहुंच गई। इसके बाद हम दोनों इन जेवरों के आधार पर लोन लेने के लिए मुथूट फाइनेंस के राधा तिराहा स्थित ब्रांच पहुंच गए। लेकिन मेरे पास मेरा आधार कार्ड नहीं होने के कारण बैंक ने मेरे नाम पर लोन देने से मना कर दिया। तभी मेरी भाभी आरती ने कहा कि बैंक मेरे नाम पर लोन दे दे, मुझे कोई आपत्ति नहीं है। मैं राजी हो गई और कंपनी ने आरती के नाम पर मुझे 1.41 लाख रुपए का लोन दे दिया। इधर अगले ही कुछ दिनों में आरती की नीयत में खोट आ गया। मैंने उससे कहा कि लोन का यह खाता मेरे नाम पर ट्रांसफर कर दो तो उसने मना कर दिया। उलटा मेरे साथ गाली-गलौज की। रेखा का कहना है कि बैंक में रखे सारे जेवरों की रसीद मेरे पास है, मौके पर मौजूद फाइनेंस कंपनी का स्टाफ भी जेेवर मेेरे होने का गवाह है लेकिन आरती मुझे जेवर वापस नहीं कर रही है।