मंडी में आवक हुई कमजोर, सभी जिंसों में तेजी का रुख
सागर कृषि उपज मंडी में अब जिंसों की आवक कुछ कमजोर हो गई है। इसकी वजह किसानों की ओर से जिंसों को बेचने के बजाए रोक कर रखने की रणनीति बताई जा रही है। समर्थन मूल्य पर गेहूं सहित सभी जिंसों की खरीदी अच्छी क्वालिटी के आधार पर ही हो रही है। इस वजह से कमजोर क्वालिटी के जिंसों की खरीदी फरोख्त बाजार में ही हो रही है।दूसरी तरफ सभी जिंसों में अब तेजी का रुख भी देखा जा रहा है। चने में करीब 200 रुपए क्विंटल की तेजी आई है। चना 3600 रुपए क्विंटल बिका है। इसी प्रकार सोयाबीन सीड में 100 रुपए क्विंटल की तेजी आई है। इसके अलावा सरसों, राहर, उडद, बटरी, तेवड़ा आदि में भी कुछ तेजी का वातावरण देखा गया। छोटे और गरीब किसानों को समर्थन मूल्य व भावांतर का लाभ नहीं मिल पा रहा है जिससे ऐसे किसानों में रोष है। सोया रिफाइन तेल में सटोरियाें ने बाजार खेंच कर रखा है। किंतु उंचेे भाव पर कामकाज नहीं निकल रहा है। खर मास शुरु हो जाने से विवाह मुहूर्त नहीं होंगे जिसका असर बाजार पर निश्चित रुप से पड़ेगा। तेल में वायदा डिब्बा में 7 रुपए की गिरावट दर्ज की गई। साेया प्लांट वालों ने भी टैंकर पर करीब 5 हजार रुपए घटाए हैं। इसका खुदरा बाजार पर असर पडेगा। शकर में रोजाना ही गिरावट दर्ज हो रही है। यूपी और महाराष्ट्र में 2400 रुपए के टेंडर खोले गए। इससे हाजिर में करीब 20 से 25 रुपए क्विंटल की गिरावट आई है। इस समय शकर की ग्राहकी भी कमजाेर है। पाकिस्तान से भी शकर का आयात जारी है। सागर मंडी में 2500 रुपए में गाड़ी कट में एडवांस में बेचने की कोशिश व्यापारी कर रहे हैं बावजूद इसके सौदे कम ही हो रहे हैं। हाजिर के सौदे ही शकर में हो रहे हैं। शकर में एक माह में करीब 1 हजार रुपए से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है। व्यापारियों का मानना है कि शकर के भाव और गिर सकते हैं। दलहनों के भाव भी स्थिर चल रहे हैं। डीजल पेट्रोल के दाम बढ़ने से सोने चांदी में जरुर तेजी आई है। चांदी करीब 40 हजार 800 और सोना 35 हजार रुपए तक पहुंच गया है।
बाजार समीक्षा