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मोक्ष मार्ग में आगे बढ़ना है तो मात्र जिज्ञासा रखें, प्रश्न अथवा शंका नहीं : सुव्रतसागर

3 वर्ष पहले
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अंकुर कालोनी दिगंबर जैन मंदिर मकरोनिया में चातुर्मास कर रहे आचार्य विद्यासागर महाराज के शिष्य मुनि सुव्रतसागर ने मंगलवार को मानव जीवन के लक्ष्य और संस्कार पर केंद्रित उपदेश में कहा की मोक्ष मार्ग में आगे बढ़ना है तो मात्र जिज्ञासा रखे प्रश्न अथवा शंका नहीं, श्री धबला एवं मूलाचार ग्रंथों की गाथा का उल्लेख करते हुए कहा की हमें प्रत्येक क्रिया को य| पूर्वक करना चाहिए।

लक्ष्य निर्धारण पर बोलते हुए कहा की बचपन में लक्ष्य बना नहीं पाते, जवानी में विषय भोग में लगे रहे और आगे के जीवन के लक्ष्य बनाने का निर्णय नही ले पाए और इसी तरह सम्पूर्ण जीवन ऐसे ही व्यतीत कर दिया। यह विषय चिंतनीय है कि हमने अपना कोई लक्ष्य नहीं बनाया। ‘‘आद हिदम का दब्वम‘‘ सूक्ति की व्याख्या करते हुए कहा की जब हम नर्क में थे, दुर्गति में थे, जब संकल्प लिया था कि आत्मा का कल्याण करेंगे लेकिन मानव योनि पाकर हमने अपने लक्ष्य को छोड़ दिया, परमात्मा को भूल गए, हमें अपनी आत्मा का कल्याण करना चाहिए। आत्मा का लक्ष्य हो और अनुष्ठान परमात्मा का होना चाहिए जब तक लक्ष्य नहीं बनाओगे तब तक इच्छित कार्य सार्थक नहीं होगा। जो एक बार परमात्मा का दर्शन कर लेगा, वह आगे चलकर स्वयं दर्शनीय बनकर मोक्ष मार्ग पर बढ़ जाएगा। प्रवचन के दौरान सैकड़ों की संख्या में श्रोतागण उपस्थित थे।

रोने से समस्या हल नहीं होती, विकल्पों पर चिंतन करें : विज्ञानमति

सागर | हम अपने स्वार्थ के लिए कोई न कोई पाप करते हैं। यदि हमें दूसरे के साथ किए गए छल कपट से ग्लानि हो जाए और इसका पश्चाताप हो तो अंतर्मन में वैराग्य का भाव आ जाता है। यह बात आर्यिका विज्ञानमति माता ने नेहानगर जैन मंदिर परिसर में धर्मसभा में कही ।

उन्होंने कहा कि रोने धोने से समस्या का हल नहीं होता , इसके लिए समाधान के विभिन्न विकल्पों पर चिंतन करना चाहिए । अज्ञानी व कमज़ोर व्यक्ति मुसीबत में रो रोकर सहानुभूति बटोरने में लग जाता है । लेकिन धर्म को जानने वाला व्यक्ति धैर्य का परिचय देता है और परेशानी के कारणों पर विचार करता है । इसलिए जीवन चर्या में व आचरण में धर्म होना चाहिए। उन्होंने कहा कि त्याग किसी भी प्रकार का हो शांति प्रदान करता है , लोग चीज़ों को खाने का नियम लेते हैं जबकि उन चीज़ों को त्यागने का नियम होना चाहिए । मौसम के अनुकूलता व प्रतिकूलता को ध्यान में रखकर खाने की विभिन्न चीज़ों का समय समय पर त्याग करने से शरीर निरोगी बना रहता है। मंदिर कमेटी के महामंत्री सतीश जैन ने बताया कि पुरूष वर्ग को दैनिक जीवन में धर्म का उपयोग बताने विशेष क्लास सुबह साढ़े आठ से साढ़े नौ बजे तक लगाई जा रही है।

महिला परिषद ने जेल में बनी राखी

एक दूसरे को बांधी

सागर | अखिल भारत वर्षीय दिगंबर जैन महिला परिषद की वर्धमान शाखा द्वारा जेल में कैदियों द्वारा बनाई गई सद्भावना राखी एक दूसरे की कलाई पर बांधने के बाद मानव श्रृंखला बनाकर फ्रेंडशिप डे मनाया गया । इस अवसर पर पदाधिकारियों और सदस्यों ने स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के अंत में मुनि श्री सुब्रतसागर महाराज के चातुर्मास में चौका व्यवस्था व दशलक्षण पर्व की रूपरेखा तय की गई।

खजुराहो में चार दिवसीय कार्यक्रम 14 अगस्त से

सागर |
आचार्य विद्यासागर महाराज के ससंघ सानिध्य में 14 से 17 अगस्त तक खजुराहो में चार दिनी कार्यक्रम आयोजित होंगे। मुनि सेवा समिति के सदस्य मुकेश जैन ढाना ने बताया कि 14 अगस्त को 24 मुनिराजों का दीक्षा दिवस मनाया जाएगा। 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस पर आचार्य श्री के मंगल प्रवचन होंगे। 16 अगस्त को 25 मुनिराजों का दीक्षा दिवस मनाया जाएगा। 17 अगस्त को मुकुट सप्तमी पर निर्वाण लाडू एवं भगवान पार्श्वनाथ मोक्ष कल्याणक महोत्सव मनाया जाएगा।

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