पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • शनिवार होने से अमावस्या का महत्व बढ़ा, जाप, हवन व पूजा करने से बनेंगे काम

शनिवार होने से अमावस्या का महत्व बढ़ा, जाप, हवन व पूजा करने से बनेंगे काम

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
सावन में इस बार 11 अगस्त को हरियाली तीज और शनि अमावस्या एक ही दिन पड़ेगी। इस दिन शनिवार होने से अमावस्या का महत्व बढ़ गया है। इस कारण जाप, हवन व पूजा का विशेष महत्व रहेगा, जो जातक वर्तमान में शनि की चाल से नकारात्मक रूप से प्रभावित है। विशेष कर जिन जातकों की कुण्डली में शनि की महादशा, अंतर दशा प्रत्यंतर दशा चल रही है या फिर जिन पर शनि की साढ़े साती, ढइया चल रही है। अथवा जिन्हें शनि के कारण किसी भी प्रकार का कष्ट पहुंच रहा है। वे शनि अमावस्या पर शिव व शनि देव की साधना कर उनके प्रकोप से बच सकते हैं। आचार्य रूपेश शास्त्री का कहना है कि जीवन में कई तरह के संकट केवल शनि, राहु-केतु और कुण्डली के अन्य अशुभ योगों के कारण आते हैं। इन सब दोषों का एवं जीवन के संकटों के नाश के लिए शनिचरी अमावस्या सर्वश्रेष्ठ मानी गई है।

शनिदेव सिद्धधाम मंदिर के आचार्य रूपेश शास्त्री ने बताया मंदिर में प्रत्येक शनि अमावस्या पर सार्वजनिक अखण्ड हवन किया जाता है हवन सुबह 6 बजे से अखण्ड चलता है। हवन की पूर्णाहुति रात्रि 12 बजे होगी। सभी भक्तों को हवन करने दिया जाता है। विशेष हवन सामग्री निशुल्क दी जाती है।

हरियाली तीज और शनि अमावस्या 11 को एक साथ पड़ेगी

राशि अनुसार ग्रह शनि के लिए पौधे लगाएं

इस साल बारिश में पौधा लगाने जा रहे है तो अपनी राशि के अनुसार पौधा लगाये इससे पर्यावरण एवं भाग्य दोनों सुधरेंगे। कुण्डली में स्थित कोई खराब ग्रह के कारण असफलता या किसी काम में बाधा आ रही है तो वह दूर होगी ज्योतिष शास्त्र में हर राशि गृह व नक्षत्र के वृक्ष हैं। इन्हें लगाने से फायदा होता है। ज्योतिष में ग्रह को मजबूत करने और उसकी सकारात्मक उर्जा पाने के लिए गृह व राशि के अनुसार पेड़ लगाने का उपाय है।

खबरें और भी हैं...