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हाई कटऑफ के चलते 3 चरण में भरी सिर्फ 50% सीटें, अब सीएलसी राउंड में पोर्टल की समस्या से लगी कतारें

3 वर्ष पहले
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गर्ल्स डिग्री कॉलेज में मंगलवार को हजारों छात्राएं एडमिशन के लिए परेशान होती रहीं। फार्म जमा करने के लिए कोई सुबह से लाइन में लगा था तो किसी को फार्म तक नसीब नहीं हुआ। छात्राओं की इस समस्या का सबसे बड़ा कारण है उच्च शिक्षा विभाग की लापरवाही।

सत्र 2018-19 में यूजी के दाखिले के लिए अब तक तीन चरण की काउंसिलिंग पूरी की जा चुकी है, लेकिन हाई कटऑफ के चलते अब भी सभी विभागों में 50 फीसदी से ज्यादा सीटें खाली हैं। नतीजा इन सीटों को भरने के लिए सारा भार मंगलवार से शुरू हुई कॉलेज लेवल काउंसिलिंग (सीएलसी) पर आ गया है। वहीं इतनी बड़ी संख्या में छात्राओं के फार्म जमा करने के लिए प्रबंधन के पास पर्याप्त संसाधन नहीं हैं, अब विभाग की लापरवाहियों से छात्राएं परेशान हो रही हैं।

1 बजे के बाद छात्राओं को फार्म तक नहीं मिले: दमोह स्थित पथरिया से आईं आयुषी दुबे ने बताया कि वे सीएलसी राउंड के आवेदन जमा करने के लिए मंगलवार सुबह से ही कॉलेज पहुंच गईं थी, लेकिन भीड़ इतनी थी कि वे फार्म लेने में लेट हो गई। करीब 1 बजे जब उनका नंबर आया तो प्रबंधन ने फार्म खत्म होने की बात कहकर उन्हें वापस लौटा दिया। गर्ल्स कॉलेज में सीएलसी राउंड के पहले दिन 1247 फार्म जमा किए गए। इसमें आर्ट्स में 570, कॉमर्स में 125 और साइंस में 525 फार्म जमा हुए। इस राउंड में आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 9 अगस्त तक है। 10 अगस्त को प्रवेश सूची जारी की जाएगी।

तीन घंटे तक बंद रहा पोर्टल, चालू हुआ तो पांच मिनट में भर पाया एक फार्म

गर्ल्स कॉलेज में एक तरफ बड़ी संख्या में खाली पड़ी सीटों पर हजारों छात्राओं की भीड़ थी। वहीं दूसरी तरफ आवेदन की एंट्री के बने पोर्टल का तीन घंटे तक सर्वर डाउन रहा। जैसे-तैसे सर्वर ठीक हुआ तो स्पीड इतनी धीमी थी कि एक फार्म की एंट्री करने में ऑपरेटर्स को पांच मिनट तक लग गए। ऐसे में छात्राओं को दिनभर लाइन में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा और कई छात्राएं तो बगैर फार्म भरे ही वापस लौट गई।

यूजी में फिलहाल खाली

है इतनी सीटें

विषय कुल सीटें खाली सीटें

बीए 1200 305

बीलिव 30 11

बीकॉम 625 245

बीकॉम(कम्प्यूटर) 116 68

बीबीए 50 33

बीसीए 50 32

बीएचएससी 60 35

बीएससी(बायोटेक्नालॉजी बॉटनी ग्रुप) 52 36

बीएससी(बायोटेक्नालॉजी जूलॉजी ग्रुप) 42 21

बीएससी(कम्प्यूटर साइंस ग्रुप) 44 22

बीएससी(इंडस्ट्रियल केमेस्ट्री) 23 22

बीएससी(इंडस्ट्रियल माइक्रोबायोलॉजी) 29 25

बीएससी(सीबीजेड) 425 159

बीएससी(मेथ्स) 369 169

बीएससी(माइक्रोबायोलॉजी) 23 12

इधर, पीजी की लिस्ट में अटका कई छात्राओं का दाखिला

पीजी के लिए सीएलसी काउंसिलिंग की लिस्ट 6 अगस्त को जारी हो चुकी है। लेकिन इसमें सैकड़ों छात्राओं का रिजल्ट अवेटिड है, जिसके कारण छात्राएं पीजी में प्रवेश नहीं ले पा रही। मामले को लेकर जब अफसरों से बात की गई तो सामने आया कि जिन छात्राओं का प्रवेश रोका गया है, उन्हें ग्रेजुएशन के दौरान एटीकेटी आई थी, लेकिन विवि ने इनका रिजल्ट जारी करने में देर कर दी। जिसके कारण छात्राओं को तीनों काउंसिलिंग में प्रवेश नहीं मिल सका। अब जब एटीकेटी का रिजल्ट आया तो पोर्टल में इनकी एंट्री न होने के कारण दाखिले रोक दिए गए।

असंगठित मजदूरों के बच्चों के लिए शुल्क माफ, फिर भी पोर्टल मांग रहा राशि

उच्च शिक्षा विभाग के पोर्टल की गड़बड़ी सिर्फ दाखिलों तक ही सीमित नहीं है। बल्कि एडमिशन शुल्क की फीडिंग में भी भारी खामियां सामने आ रही है। इस साल शासन ने ओलावृष्टि से पीड़ित और असंगठित मजदूरों के बच्चों के लिए एडमिशन शुल्क माफ किया है। लेकिन इसके बावजूद भी पोर्टल राशि की मांग कर रहा है। ऐसे में अब तक इन विद्यार्थियों का एडमिशन अटका हुआ है।

यूजी की कॉलेज लेवल काउंसिलिंग में पहले दिन पोर्टल की समस्या रही है, जिससे छात्राओं को परेशान होना पड़ा। लेकिन उन्हें हड़बड़ाने की जरूरत नहीं है, क्योंकि 9 अगस्त तक आवेदन लिए जाएंगे। वहीं पोर्टल की समस्याओं से विभाग को अवगत करा दिया गया है, अब यह समस्या नहीं होगी। -डॉ. अखिलेश कुमार पटैरिया, प्राचार्य गर्ल्स कॉलेज

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