डेमोंस्ट्रेटर, ट्यूटर भी बन सकेंगे असिस्टेंट प्रोफेसर
नई नीति से दूर होगी डॉक्टरों की कमी
सागर | बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज सहित प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर के भर्ती नियमों में परिवर्तन किया गया है। नए नियमों के तहत अब मेडिकल कॉलेजों में पदस्थ डेमोंस्ट्रेटर, ट्यूटर, मेडिकल ऑफिसर व सीनियर रेजीडेंट को असिस्टेंट प्रोफेसर बनने का अवसर दिया जाएगा।
असिस्टेंट प्रोफेसर के पद सीधी भर्ती के है लेकिन अब इन्हें कॉलेज स्तर पर ही भरा जा रहा है। इससे पहले वर्ष 2003 में विशेष परिस्थितियों के चलते प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में 50 डेमोंस्ट्रेटर, ट्यूटर को असिस्टेंट प्रोफेसर बनाया गया था। इस पद के लिए क्लीनिकल सब्जेक्ट में डॉक्टर को एमबीबीएस, एमडी,एमएस के साथ एक साल की एसआरशिप जरूरी है जबकि नॉन क्लीनिकल में एमबीबीएस के साथ एमडी, एमएस ही जरूरी है।
16 पदों पर कर सकेंगे आवेदन : बीएमसी के विभिन्न विभागों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 16 पद रिक्त है, जिन्हेें अब प्रमोशन के जरिए भरा जा रहा है। इस प्रक्रिया में प्रदेश के अन्य मेडिकल कॉलेज, स्वास्थ्य विभाग के अस्पतालों सहित देश भर के पीजी डॉक्टर जो मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की अर्हता पूरी रखते है शामिल नहीं हो पाएंगे।
Ãहम डेमोंस्ट्रेटर, टयूटर की असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर भर्ती करेंगे। सीनियर रेजीडेंट को अवसर देने का अधिकार मेडिकल कॉलेजों को दिए गए हैं। -डॉ. उल्का श्रीवास्तव, डीएमई, मप्र