गांवों में हर चौथा व्यक्ति मजदूर, शहर में हर 11वां शख्स है गरीब
जिले का हर पांचवां व्यक्ति मजदूर है। यह आंकड़े मुख्यमंत्री असंगठित मजदूर कल्याण योजना में चल रहे श्रमिक पंजीयन से सामने आए हैं। जिले की कुल जन संख्या 23 लाख है। जबकि 4.32 लाख लोगों के पंजीयन असंगठित मजदूर के रूप में हो चुके हैं। फिलहाल पंजीयन की जो स्थिति है उसके हिसाब से ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाला हर पांचवां व्यक्ति मजदूर है या मजदूरी कर रहा है। वहीं शहरी क्षेत्रों में हर 11वां व्यक्ति इस श्रेणी में आ रहा है। पंजीयन की तारीख बढ़ाकर अब 20 अप्रैल कर दी गई है। ऐसे में यह संख्या और बढ़ेगी। जिले के 12 नगरीय निकायों में करीब 7 लाख तो 11 जनपदों के अंतर्गत 16 लाख लोग निवासरत हैं। एप के माध्यम से कोई ऑनलाइन पंजीयन कर सकता है।
असंगठित श्रमिकों को मिलेगी
ये सुविधाएं, इसीलिए हर कोई करा
रहा है पंजीयन
200 रुपए मासिक फ्लैट रेट पर बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। गर्भवती श्रमिक महिलाओं को पोषण आहार के लिए 4 हजार रु. दिए जाएंगे। प्रसव होने पर महिला के खाते में 12 हजार 500 रु. जमा किए जाएंगे। मुखिया श्रमिक की सामान्य मौत पर परिवार को 2 लाख, दुर्घटना में मौत पर 4 लाख रु. की सहायता, हर भूमिहीन श्रमिक को भूखंड या मकान, स्वरोजगार के लिए लोन। पंजीकृत श्रमिक व उसके परिवार के सदस्यों की गम्भीर बीमारी का मुफ्त इलाज सरकार कराएगी। बच्चों को कक्षा एक से पीएचडी तक निशुल्क शिक्षा दिलाई जाएगी। मजदूर को साइकिल व औजार खरीदने के लिए 5 हजार का नकद अनुदान दिया जाएगा। मकान के लिए पट्टा दिलाया जाएगा।
यह है जनपद-वार स्थिति
जनपद पंजीयन
सागर 45 हजार 193
रहली 44 हजार 347
राहतगढ़ 43 हजार 880
बंडा 42 हजार 441
केसली 36 हजार 798
देवरी 32 हजार 614
मालथौन 27 हजार 563
खुरई 24 हजार 692
जैसीनगर 23 हजार 985
बीना 22 हजार 004
शाहगढ़ 18 हजार 865
नगरीय निकायों में पंजीयन की स्थिति
निकाय रजिस्ट्रेशन
ननि सागर 24 हजार 548
नपा खुरई 7 हजार 435
नपा गढ़ाकोटा 6 हजार 805
नपा रहली 5 हजार 556
नपा बीना 5 हजार 173
कैंट सागर 4 हजार 248
नपा मकरोनिया 3 हजार 480
नपा देवरी 3 हजार 109
नगर परिषद राहतगढ़ 2 हजार 868
नगर परिषद बंडा 2 हजार 627
नगर परिषद शाहगढ़ 2 हजार 250
नगर परिषद शाहपुर 2 हजार 229
10 बिंदुओं के आधार पर भरा जा रहा है फॉर्म
Ãविभिन्न क्षेत्रों के असंगठित मजदूरों का 10 बिंदुओं के आधार पर फॉर्म भरा जा रहा है। जिसके पास ढाई एकड़ से कम जमीन है और जो आयकरदाता नहीं है, वह पंजीयन करा सकता है। अभी ऑनलाइन आवेदन आए हैं, अब निकायवार वेरीफिकेशन भी होगा। जो वास्तविकता में पात्र होंगे, उन्हीं का पंजीयन पोर्टल मान्य करेगा। - आलोक कुमार सिंह, कलेक्टर सागर