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खेती करने से अंगूठे में आए कट, बायोमैट्रिक मशीन में मैच नहीं हुए फिंगर प्रिंट, किसान के बेटे परीक्षा से वंचित
खुरई निवासी सुरजीत घोषी और कृष्णा अहिरवार पॉलीटेक्निक कॉलेज में पढ़ाई करने का सपना लेकर पिछले कई महीनों से प्री पॉलीटेक्निक टेस्ट की तैयारी कर रहे थे। परीक्षा के ठीक पहले खेत में कटाई का काम लग गया। पढ़ाई के साथ खेत में पिता का हाथ भी बंटाना पड़ा। यही हाथ बंटाना उन्हें इतना भारी पड़ा कि दोनों को परीक्षा ही नहीं दे पाए।
दरअसल रविवार को जब दोनों बीटी कॉलेज में पीपीटी-2018 देने पहुंचे तो यहां सेंटर में प्रवेश से पहले दोनों के बायोमैट्रिक मशीन से फिंगर प्रिंट लिए गए। खेती का काम करने से दोनों की अंगूठों में पड़ी भट्टों के कारण उनके फिंगर प्रिंट मैच नहीं हुए और दोनों को परीक्षा सेंटर से बाहर कर दिया गया। करीब दो घंटे तक दोनों सेंटर के बाहर बैठकर अफसरों से परीक्षा देने की गुहार करते रहे, नियमों में फंसे अफसर उनकी मदद नहीं कर सके। यह मामला सिर्फ इन दोनों का ही नहीं बल्कि शहर में बने चारों सेंटर्स पर करीब 90 विद्यार्थियों को फिंगर प्रिंट मैच न होने के कारण परीक्षा नहीं देने दिया गया। फिंगर प्रिंट मिस मैच के सबसे ज्यादा मामले ज्ञानवीर कॉलेज में आए। पीईबी के इस नियम से छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ गया है।
सागर. खुरई के सुरजीत और कृष्णा अपनी परेशानी बताते। इनसेट इनके हाथ में हैं इस तरह के कट।
परीक्षा के दौरान फेल हुए जनरेटर, आधे घंटे तक बंद रहे कंप्यूटर्स
पीईबी ने रविवार को प्री-पॉलीटेक्निक टेस्ट-2018 का आयोजन दो शिफ्टों में किया। पहली शिफ्ट 9 से 11 बजे तक और दूसरी दोपहर 2 से शाम 4 बजे तक थी। शहर के 4 सेंटर्स पर करीब 3 हजार प्रतिभागियों ने परीक्षा में हिस्सा लिया। बीटी इंजीनियरिंग कॉलेज में दूसरी शिफ्ट में अचानक जनरेटर खराब होने से आधे घंटे तक बिजली गुल रही, नतीजे में परीक्षार्थियों को 2 की जगह डेढ़ घंटे में ही पेपर पूरा करना पड़ा। बाद में परीक्षार्थियों ने इस अव्यवस्था को लेकर हंगामा किया और मामले की शिकायत करने की बात कही। परीक्षार्थी प्रियंका अहिरवार का कहना है कि दूसरी शिफ्ट में कई स्टूडेंट्स ने परीक्षा डेढ़ घंटे में दी है। इसका खामियाजा हमें रिजल्ट में भुगतना पड़ेगा। परीक्षार्थियों ने एग्जाम दोबारा कराने की मांग की है।
ज्ञानवीर काॅलेज में फिंगर प्रिंट दोबारा मैच कराने की मांग को लेकर सेंटर के बाहर बैठे परीक्षार्थी
मैथ्स के सवालों में उलझे परीक्षार्थी
परीक्षार्थी मोनिका अहिरवार ने बताया कि पिछले सालों की तुलना में इस बार पीपीटी का पेपर कठिन था। एक तरफ जहां मैथ्स के सवालों ने उलझाया, वहीं फिजिक्स में न्यूमेरिकल बेस्ड प्रश्न पूछे गए। केमेस्ट्री के सवाल सरल थे, जिनसे स्कोरिंग हो सकती है। सागर के सेंटर्स पर सागर के अलावा दमोह, छतरपुर, पन्ना, रीवा और टीकमगढ़ से भी परीक्षार्थी आए थे।