पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • 22.50 लाख के घाटे में बाजार बैठकी का ठेका देने की तैयारी

22.50 लाख के घाटे में बाजार बैठकी का ठेका देने की तैयारी

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
बाजार बैठकी का ठेका लेने वालों को अब 18 परसेंट जीएसटी भी देना पड़ेगा। यही वजह है कि तीसरे कॉल में अधिकतम रेट इतने कम आए हैं कि यदि निगम नियमानुसार ही ठेका देगा तो भी उसे 22.50 लाख का घाटा रहेगा। दरअसल, पिछले साल बाजार बैठकी का ठेका 72 लाख 54 हजार 149 रुपए में हुआ था। ठेकेदार ने इतनी राशि निगम को अदा भी कर दी। अब ठेकेदार जीएसटी के डर से इतने ज्यादा रेट डालने को तैयार नहीं हैं।

57.61 लाख में ठेका देने की तैयारी, लगी आपत्तियां

निगम के बाजार विभाग ने तीन बार टेंडर कॉल किया। दो बार में किसी ने रेट नहीं डाले। तीसरी बार में 4 ठेकेदारों के रेट आए। इनमें 57 लाख 61 हजार रुपए अधिकतम हैं। इस आधार पर निगम बाजार बैठकी का ठेका देने की तैयारी कर रहा है। इस पर कुछ ठेकेदारों ने आपत्ति दर्ज कराते हुए फिर से निविदा बुलाने की मांग की है। एक ठेकेदार कपिल यादव ने निगम कमिश्नर अनुराग वर्मा को इस संबंध में ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा है कि यदि टेंडर प्रक्रिया निरस्त नहीं की गई तो कोर्ट जाएंगे।

Ãमहापौर अभय दरे का कहना है कि जीएसटी के कारण ठेकेदार कम रेट डाल रहे हैं। एक अप्रैल से निगम अपने कर्मचारियों से बाजार बैठकी वसूली करा रहा है। रोजाना 8-9 हजार रुपए ही वसूली आ रही है, यह बेहद कम है। तीसरे कॉल में आए अधिकतम रेट पर भी यदि ठेका दें तो निगम की वसूली से ज्यादा आय होगी। अभी इस पर निर्णय होना बाकी है।

खबरें और भी हैं...