बीएमसी : आई-बैंक खुलेगा, नेत्र दान, कॉर्निया ट्रांसप्लांट हो सकेगा
Ãनेत्रदान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हमने बीएमसी में आई-बैंक खोलने का निर्णय लिया है। इसकी तैयारी के लिए विभागाध्यक्ष को निर्देश दिए जा चुके हैं। कॉर्पोरेशन से आई-बैंक के उपकरण आते ही हम इसे शुरू कर देंगे। आई-बैंक के साथ कार्निया ट्रांसप्लांट भी होगा। - डॉ. जीएस पटेल, डीन बीएमसी सागर
आई बैंक द्वारा दी जाती है कार्निया किट
बीएमसी के नेत्र विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण खरे ने बताया कि मरणोपरांत आंख से कार्निया निकालने के लिए किट का उपयोग किया जाता है। यह किट आई बैंक द्वारा ही उपलब्ध करवाई जाती है। अभी नेत्रदाता की आंखों से कार्निया निकालने के लिए भोपाल, इंदौर से चिकित्सक और किट बुलाना पड़ती है।
नेत्रदान के इच्छुक हों तो यह करें : डॉ. खरे ने बताया कि किसी भी उम्र में नेत्रदान किया जा सकता है। दानदाता की मृत्यु हो जाने के बाद संबंधित अस्पताल में इसकी सूचना देना होती है। निर्धारित समय पर नेत्र चिकित्सक नेत्रों को सुरक्षित स्थान पर रखते हैं। नेत्रदान के लिए पूर्व में इसकी घोषणा जरूरी नहीं होती है। परिजनों की सहमति से भी मरणोपरांत नेत्रदान किया जा सकता है।