बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में नॉन प्रैक्टिस अलाउंस लेने के बाद भी डॉक्टर द्वारा प्राइवेट प्रैक्टिस करने का एक और मामला सामने आया है। इस बार शिकायत गायनी विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. शीला जैन का है। डॉ. शीला जैन पिछले कई वर्षों से एनपीए का लाभ लेकर शहर में प्राइवेट प्रैक्टिस भी कर रही हैं।
मामले की शिकायत गुरुवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बीएमसी डीन डॉ. जीएस पटेल से की है। कांग्रेस की ओर से मुकुल पुरोहित ने शिकायत करते हुए बताया कि डॉ. शीला जैन 2010 से बीएमसी के स्त्री व प्रसूति रोग विभाग में पदस्थ हैं। जिन्हें प्रबंधन एनपीए देता है। लेकिन इसके बाद भी डॉ. शीला की बालक कॉम्प्लेक्स में प्राइवेट क्लीनिक है, जहां वे रोज शाम को मरीज देखती हैं। इतना नहीं कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने डॉ. शीला जैन पर प्राइवेट क्लीनिक में मरीज देखकर उनका ऑपरेशन बीएमसी में करने के आरोप भी लगाए हैं। कार्यकर्ताओं ने आरोप के साथ डीन को डफरिन में भर्ती एक मरीज के दस्तावेज और एनपीए की सूची भी सबूत के तौर पर सौंपी है। वहीं कार्यकर्ता सिंटू कटारे ने बीएमसी प्रबंधन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि डॉ. शीला जैन और एनपीए लेकर प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले अन्य डॉक्टरों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो कांग्रेस पार्टी उग्र प्रदर्शन करेगी।
इस दौरान जितेंद्र रोहण, अमित शुक्ला, गोलू घोषी और प्रशांत सेन आदि मौजूद थे। गौरतलब है कि इससे पहले भी एनपीए लेकर प्राइवेट प्रैक्टिस करने वालों में डॉ. देवेंद्र अहिरवार का नाम सामने आया था, जिनकी पिछले चार माह से जांच की जा रही है।