शहर के बड़ा बाजार में रहने वाली एक परित्यक्ता महिला को पति बनना है। इसके लिए वह समाज की सारी हदें तोड़कर अपनी एक ‘खास’ सहेली से शादी करना चाहती है।
दो समलिंगियों की यह प्रेेम कहानी पुलिस तक भी पहुंच गई है। दरअसल शनिवार को परित्यक्ता युवती जिसकी उम्र 23 साल है। उसके पिता एक शिकायती आवेदन लेकर एडिशनल एसपी विक्रमसिंह कुशवाह के पास पहुंचे। यहां उन्होंने दास्तान सुनाई कि मैं ने कुछ साल पहले अपनी बेटी की शादी परंपरागत तरीके से शहर के बाहर एक युवक से कर दी थी। लेकिन शादी के कुछ समय बाद ही मेरी बेटी अपने पति को छोड़कर मायके आ गई। इसके बाद वह नरसिंहपुर में रहने वाली अपनी एक 19 वर्षीय सहेली से मिलने लगी। शुरुआत में हम लोगों ने इसे सामान्य माना। लेकिन बाद में वह इसी सहेली के साथ रहने की जिद करने लगी। इस सहेली को भी मेरी बेटी के साथ रहने पर कोई एतराज नहीं है। समस्या ये है कि इन दोनों की इस अजीब ओ गरीब जिद के कारण परिवार-समाज में मेरी प्रतिष्ठा खराब हो रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार इन दोनों युवतियों का कहना है कि हम लोग बालिग हैं और अपने जीवन का निर्णय लेने में सक्षम हैं। फिर हम लोगों को किसी बंदिश में क्यों रखा जा रहा है। इनमें परित्यक्ता महिला का कहना है कि हम लोग सक्षम हैं और अपना आजीविका भी चला सकते हैं। रहा बच्चों का सवाल तो वह गोद भी लिए जा सकते हैं। इधर एडिशनल एसपी कुशवाह ने इस मामले में शिकायतकर्ता पिता को दोनों युवतियों की काउंसिलिंग कराने का आश्वासन दिया है। उन्होंने आगे की कार्रवाई के लिए यह आवेदन जिला महिला सेल भेजा है।
भास्कर संवाददाता | सागर
शहर के बड़ा बाजार में रहने वाली एक परित्यक्ता महिला को पति बनना है। इसके लिए वह समाज की सारी हदें तोड़कर अपनी एक ‘खास’ सहेली से शादी करना चाहती है।
दो समलिंगियों की यह प्रेेम कहानी पुलिस तक भी पहुंच गई है। दरअसल शनिवार को परित्यक्ता युवती जिसकी उम्र 23 साल है। उसके पिता एक शिकायती आवेदन लेकर एडिशनल एसपी विक्रमसिंह कुशवाह के पास पहुंचे। यहां उन्होंने दास्तान सुनाई कि मैं ने कुछ साल पहले अपनी बेटी की शादी परंपरागत तरीके से शहर के बाहर एक युवक से कर दी थी। लेकिन शादी के कुछ समय बाद ही मेरी बेटी अपने पति को छोड़कर मायके आ गई। इसके बाद वह नरसिंहपुर में रहने वाली अपनी एक 19 वर्षीय सहेली से मिलने लगी। शुरुआत में हम लोगों ने इसे सामान्य माना। लेकिन बाद में वह इसी सहेली के साथ रहने की जिद करने लगी। इस सहेली को भी मेरी बेटी के साथ रहने पर कोई एतराज नहीं है। समस्या ये है कि इन दोनों की इस अजीब ओ गरीब जिद के कारण परिवार-समाज में मेरी प्रतिष्ठा खराब हो रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार इन दोनों युवतियों का कहना है कि हम लोग बालिग हैं और अपने जीवन का निर्णय लेने में सक्षम हैं। फिर हम लोगों को किसी बंदिश में क्यों रखा जा रहा है। इनमें परित्यक्ता महिला का कहना है कि हम लोग सक्षम हैं और अपना आजीविका भी चला सकते हैं। रहा बच्चों का सवाल तो वह गोद भी लिए जा सकते हैं। इधर एडिशनल एसपी कुशवाह ने इस मामले में शिकायतकर्ता पिता को दोनों युवतियों की काउंसिलिंग कराने का आश्वासन दिया है। उन्होंने आगे की कार्रवाई के लिए यह आवेदन जिला महिला सेल भेजा है।