नियमितीकरण की मांग को लेकर धरने पर बैठे रोजगार सहायकों में वित्त मंत्री जयंत मलैया के नकारात्मक बोल को लेकर खासी नाराजगी है। गौरतलब है कि पिछले दिनों वित्त मंत्री ने रोजगार सहायकों को नौकरी से अलग करने की बात कही थी। इसका विरोध करने के लिए जल्द ही रोजगार सहायक गांधीवादी तरीका इस्तेमाल करेंगे।
शनिवार को अपना विरोध प्रकट करते हुए रोजगार सहायकों ने धरना स्थल पर नारे लगाए। जिले के रोजगार सहायक पांचवें दिन अनिश्चितकालीन हड़ताल पर डटे रहे। लंबे समय से ज्ञापन एवं एकदिवसीय धरना के माध्यम से कई बार मांगे रखने के बाद भी जब सरकार ने सुनवाई नहीं की तो प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर वह हड़ताल पर बैठ गए है। जिसमें प्रमुख रुप से नियमितीकरण की मांग की गई है। जिले के ग्राम रोजगार सहायक संगठन जिलाध्यक्ष, गजेंद्र सिंह राजपूत ने बताया कि सीएम सिर्फ आश्वासन दे रहे है। अब तक न तो महापंचायत बुलाई, न ही उसकी तारीख तय की।
हमारी एकसूत्रीय मांग सहायक सचिव के पद पर संविलियन के साथ नियमितीकरण करना है लेकिन किसी भी प्रकार के आदेश जारी नही किये गए इससे नाराज रोजगार सहायकों ने आंदोलन की राह अपनाई।अब प्रतिदिन विरोध प्रदर्शन तब तक करते रहेंगे जब तक कि हमारी मांगों को माना नहीं जाता है।