नए शैक्षणिक सत्र की रेग्युलर कक्षाएं 15 जून से शुरू होंगी। इस बार स्कूल शिक्षा विभाग हर प्रकार की तैयारियां पहले ही करने में लगा हुआ है। विभाग में नई कमिश्नर जयश्री कियावत के आने के बाद लगातार नवाचार देखने को मिल रहे हैं। हाल ही में उन्होंने एक पत्र डीईओ को जारी कर पूछा है कि अतिशेष शिक्षकों ने जरूरतमंद यानी पदांकित शाला में कार्यभार ग्रहण कर लिया है या नहीं। साथ ही यह भी बताया जाए कि उनके वेतन अाहरण नव पदांकित संस्था से ही किया जा रहा है। इस संबंध में डीईओ से प्रमाण-पत्र भी देने को कहा गया है। डीईओ संतोष शर्मा ने बताया है कि यहां से जितने भी शिक्षक अतिशेष के तहत दूसरी स्कूलों में भेजे गए थे, उन सभी ने संबंधित जगह पर ज्वाइन कर लिया है। साथ ही इनका वेतन भी अब वहीं से निकल रहा है।
शिक्षकों को बताए विकल्प पर ही भेजा है : संचालनालय से जारी आदेश में बताया गया है कि प्राइमरी और मिडिल स्कूल के अतिशेष शिक्षकों को उनके द्वारा बताए गए विकल्प वाले स्कूलों में ही भेजा गया है। इसी के आधार पर आदेश जारी हुए थे। ऐसे में शिक्षकों को स्कूल जाने में दिक्कतें नहीं होना चाहिए। इसी के संबंध में फाइनल रिपोर्ट संबंधी प्रमाण-पत्र डीईओ से मांगा गया था।
जो नहीं जाएंगे, उन्हें वेतन नहीं मिलेगा
डीईओ संतोष शर्मा ने बताया कि आयुक्त के निर्देशों के संबंध में प्रमाण-पत्र भेज दिए गए हैं। अतिशेष को लेकर संचालनालय से बिल्कुल स्पष्ट आदेश हैं कि शिक्षकों का वेतन उनकी नई शाला से ही बनेगा, जो अतिशेष शिक्षक दूसरी जगह नहीं जाते हैं तो उनका वेतन रुक जाएगा। हमारे पास जिले भर से जो रिपोर्ट आई है, उसके मुताबिक सभी अतिशेष शिक्षक भेजे गए जरूरतमंद स्कूलों में पहुंच चुके हैं। यदि फिर भी कोई रह जाता है तो हम उसके खिलाफ वेतन रोकने एवं अनुशासनहीनता की कार्रवाई करेंगे।