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भगवान ने हिरणाकश्यप का नाश करने के लिए बनाया 13 वें माह को अधिकमास : आस्था भारती

3 वर्ष पहले
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बैंक कालोनी स्थित पशुपतिनाथ मंदिर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में शुक्रवार तीसरे कथा व्यास आस्था भारती ने श्रीमद भागवत का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि प्रभु के प्रति आतुरता हो तो भगवान भी अवतार नहीं लेते। जीव के मन में जब तक कोई अन्य इच्छा का अस्तित्व होगा, तब तक भगवान कृष्ण भी नहीं आएंगे।

भागवत में मुख्य कथा कृष्ण भगवान की है लेकिन फिर भी राम के आगमन के बाद ही कृष्ण जी आते हैं। जिसके घर में राम नहीं आते, उसका रावण रूपी काम नहीं मरता । राम तभी आएंगे, जब हम मर्यादा का पालन करेंगे।जीवन मे मर्यादा अवश्य होनी चाहिए।

भगवान के 24अवतारों का व्याख्यान करते हुए भारती ने समुद्र मंथन,ध्रुव चरित आदि के विस्तृत प्रसंग सुनाए ।नृसिंह अवतार का व्याख्यान करते हुए उन्होंने कहा कि यदि अधर्म की सीमा उच्च स्तर पर पहुंच जाती है तो भगवान अवतार लेकर प्रकृति को भी बदल देते हैं। अभी चल रहा अधिकमास भी इसी की परिणति है। हिरणाकश्यप के नाश के लिए भगवान ने 13 वें माह को अधिकमास बनाया और अपना नाम देकर पुरुषोत्तम मास कहलाया।कथा में वामन अवतार के प्रसंग पर झांकी भी लगाई गई।पंडित शिवप्रसाद तिवारी ने बताया कि शनिवार को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया जाएगा।

भास्कर संवाददाता | सागर

बैंक कालोनी स्थित पशुपतिनाथ मंदिर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में शुक्रवार तीसरे कथा व्यास आस्था भारती ने श्रीमद भागवत का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि प्रभु के प्रति आतुरता हो तो भगवान भी अवतार नहीं लेते। जीव के मन में जब तक कोई अन्य इच्छा का अस्तित्व होगा, तब तक भगवान कृष्ण भी नहीं आएंगे।

भागवत में मुख्य कथा कृष्ण भगवान की है लेकिन फिर भी राम के आगमन के बाद ही कृष्ण जी आते हैं। जिसके घर में राम नहीं आते, उसका रावण रूपी काम नहीं मरता । राम तभी आएंगे, जब हम मर्यादा का पालन करेंगे।जीवन मे मर्यादा अवश्य होनी चाहिए।

भगवान के 24अवतारों का व्याख्यान करते हुए भारती ने समुद्र मंथन,ध्रुव चरित आदि के विस्तृत प्रसंग सुनाए ।नृसिंह अवतार का व्याख्यान करते हुए उन्होंने कहा कि यदि अधर्म की सीमा उच्च स्तर पर पहुंच जाती है तो भगवान अवतार लेकर प्रकृति को भी बदल देते हैं। अभी चल रहा अधिकमास भी इसी की परिणति है। हिरणाकश्यप के नाश के लिए भगवान ने 13 वें माह को अधिकमास बनाया और अपना नाम देकर पुरुषोत्तम मास कहलाया।कथा में वामन अवतार के प्रसंग पर झांकी भी लगाई गई।पंडित शिवप्रसाद तिवारी ने बताया कि शनिवार को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया जाएगा।

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