संभाग के दो एस्पिरेशन जिलों दमोह और छतरपुर के विकास के लिए कमिश्नर मनोहरलाल दुबे ने संभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने सभी संभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे छतरपुर और दमोह जिले के वर्तमान विकास सूचकांकों को बढ़ाने के लिये इन दोनों जिलों के अधिकारियों के साथ मिलकर पहले विस्तृत कार्ययोजना तैयार करें, इसके बाद अपनी कार्ययोजना को धरातल में लागू करने के लिये जुट जाएं। स्वास्थ्य एवं पोषण सूचकांकों को बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला बाल विकास एवं महिला सशक्तिकरण विभाग मिलकर संयुक्त कार्यशाला करें। लैंगिक समानता के लिए प्रयास करें। तत्काल उपचार सुविधाएं मुहैया कराने संजीवनी 108 सेवा वाहनों की संख्या बढ़ाएं। जनजागरूकता के लिए प्रचार-प्रसार गतिविधियां बढ़ाएं। इसके लिए सोशल मीडिया का भरपूर उपयोग करें।
अपनी बात सहज और सरल तरीके से लोगों तक पहुंचाने के लिए कथावाचकों, प्रवाचक, उपदेशकों और समाजसेवियों की भी सेवाएं लें। स्कूलों में पेयजल और शौचालय की व्यवस्था बढ़ाते हुए बच्चों को पढ़ाई छोड़ने से रोकने एवं प्रौढ़ शिक्षा को बढ़ावा देने के निर्देश भी शिक्षा विभाग को दिए हैं।कृषि विभाग के अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि किसानों का फसल बीमा कराएं और उन्हें उन्नत कृषि से जोड़ें। कौशल विकास केंद्रों की संख्या बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए हैं। हर घर, गांव मजरे टोले में बिजली पहुंचाने को भी कहा गया है।
पीएचई के ईई को निर्देश दिए हैं कि हर पंचायत में एक-एक तालाब बनवाएं। लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराएं। पंचायत विभाग को भी मदद के लिए निर्देश दिए गए हैं।
रणनीति बनाएं, सभी पांचों जिलों में होगी लागू
कमिश्नर ने सभी संभागीय अधिकारियों से कहा कि वे छतरपुर और टीकमगढ़ जिले के विकास मानकों को बढ़ाने के लिए अपनी-अपनी विभागीय रणनीति और पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन तैयार कर क लें। इन दो जिलों के लिए तैयार रणनीति संभाग के शेष तीन जिलों में भी लागू होगी। अगली बैठक 2 जून को होगी।